समाज सेवा के शिखर पुरुष लीलाधर खोड़ियार ने गौशाला को समर्पित की 40 क्विंटल भूसे की खेप

प्रशासन ने जताया आभार, जन-सरोकार की अनूठी मिसाल 


Junaid Khan - शहडोल। संभाग क्षेत्र के प्रख्यात समाजसेवी, प्रतिष्ठित व्यवसायी और परम श्रद्धेय श्री लीलाधर खोड़ियार ने एक बार फिर अपनी अगाध जीव-दया और निस्वार्थ सेवा भावना का परिचय देते हुए संस्थान को 40 क्विंटल भूसे की महती सेवा प्रदाय की है। जीवन के इस परिपक्व पड़ाव पर भी उनकी यह अद्भुत ऊर्जा, तत्परता और समाज के प्रति अटूट समर्पण हम सभी के लिए एक महान प्रेरणास्रोत बन चुका है। संस्थान की स्थापना के शुरुआती दिनों से लेकर आज तक, गौसेवा के हर प्रकल्प में उनका निरंतर सहयोग, मार्गदर्शन और संबल हमें प्राप्त होता रहा है। उनके इस अद्वितीय और अनुपम सेवाभाव, निरंतर सक्रियता तथा अनुकरणीय समाजहित के कार्यों के लिए पूरा संभाग और संस्थान प्रबंधन हृदय की गहराइयों से उनका कोटि-कोटि धन्यवाद, आभार और अभिनंदन करता है। ईश्वर से करबद्ध प्रार्थना है कि वे उन्हें सदैव उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और इसी प्रकार निरंतर लोक-कल्याण करने की असीम शक्ति प्रदान करें।

प्रशासन की सजगता और जन-सहयोग से बदली तस्वीर, जनहित के कार्यों को मिली नई गति

इस ऐतिहासिक महादान के बाद स्थानीय प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों ने भी तत्परता दिखाते हुए इस सेवा कार्य की खुलकर सराहना की है। पूर्व में इस विषय पर प्रमुखता से समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय हुआ, जिसका सीधा सकारात्मक असर अब धरातल पर साफ नजर आने लगा है। जो तत्व व्यवस्थाओं में व्यवधान उत्पन्न कर रहे थे, उन्होंने भी इस जन-आंदोलन और प्रशासन के सख्त रुख को देखते हुए सकारात्मक रुख अपनाया है और अब वे भी इस पुनीत कार्य की सराहना करने को विवश हैं। जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, रेड क्रॉस सोसाइटी के सुदृढ़ीकरण से लेकर कोरोना काल जैसी भीषण और विषम परिस्थितियों तक जब-जब समाज को एक अभिभावक की जरूरत पड़ी, तब-तब श्री लीलाधर खोड़ियार ने निस्वार्थ भाव से आगे आकर अपना अमूल्य और अविस्मरणीय योगदान दिया है। प्रशासन और प्रबुद्ध वर्ग का मानना है कि ऐसे गंभीर प्रयासों और वरिष्ठ समाजसेवियों के मार्गदर्शन से ही एक आदर्श और संवेदनशील समाज का निर्माण संभव है।

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