प्रदेश सत्ता' की खबर का बड़ा असर,पुलिस ने आरोपी को दबोचा
Junaid Khan - शहडोल। जिला मुख्यालय से सटे सोहागपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम छतवई से एक ऐसी शर्मनाक और कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाली घटना सामने आई है, जिसने न सिर्फ स्थानीय प्रशासन की मुस्तैदी की पोल खोल दी है बल्कि समूचे क्षेत्र की जनता और आदिवासी अस्मिता को झकझोर कर रख दिया है। ग्राम पंचायत एवं सामाजिक सहयोग से वर्ष 2021 में पुराने कांजी हाउस के पास स्थापित की गई जन-जन के आराध्य भगवान बिरसा मुंडा की गरिमामयी प्रतिमा को एक असामाजिक तत्व द्वारा बर्बरतापूर्वक क्षतिग्रस्त कर दिया गया।'प्रदेश सत्ता' द्वारा इस गंभीर मुद्दे को प्रखरता से उठाए जाने और खबर के व्यापक असर के बाद, नींद से जागी सोहागपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे तो भेज दिया है, लेकिन इस दुस्साहसिक वारदात ने क्षेत्र के अमन-चैन और असामाजिक तत्वों के बढ़ते दुस्साहस पर कई तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के संबंध में प्राप्त विवरण के अनुसार, बीती रात ग्राम छतवई का निवासी सुनील बैगा अत्यधिक नशे की हालत में, साजिशन और दुर्भावनापूर्ण उद्देश्य से प्रतिमा स्थल पर पहुंचा और अंधाधुंध तोड़फोड़ करने लगा इस शर्मनाक कृत्य को देख ग्राम पंचायत की सजग महिला सरपंच मुन्नी बैगा, उनके पति भोला प्रसाद बैगा तथा अन्य प्रबुद्ध ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए आरोपी को रोकने का भरसक प्रयास किया और उसे समझाइश देने की कोशिश की लेकिन सत्ता और खाकी के खौफ से बेपरवाह हो चुका आरोपी सुनील बैगा ग्रामीणों की एक न माना और उसने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर जमींदोज करने का दुस्साहस कर डाला। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में भारी तनाव और जनाक्रोश का माहौल है। आखिर इन अपराधियों और उपद्रवियों में कानून का डर क्यों खत्म हो चुका है? क्या स्थानीय प्रशासन केवल थानों में बैठकर किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है? इस मामले में सजग सरपंच मुन्नी बैगा की लिखित शिकायत पर थाना प्रभारी अरुण कुमार पांडेय ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार तो कर लिया है, लेकिन जनता अब खोखली कानूनी कागजी कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। क्षेत्र के बुद्धिजीवियों और जागरूक नागरिकों का स्पष्ट कहना है कि यदि आस्था के केंद्रों और महापुरुषों के स्मारकों पर इस तरह के हमले होते रहे और प्रशासन मूकदर्शक बना रहा, तो 'दैनिक प्रदेश सत्ता' प्रशासन की इस सुस्ती के खिलाफ और भी उग्र रुख अख्तियार करेगा।
