व्यापारी संघ का बड़ा धमाका,'डॉ. कुलदीप पटेल' के अस्पताल को फायदा देने के लिए इंदिरा चौक से बस स्टैंड तक रची गई 'दमनकारी' साजिश
Junaid Khan - शहडोल। जिला मुख्यालय में विकास के नाम पर चल रहे 'बुल्डोजर तंत्र' के पीछे के असली और खौफनाक गठजोड़ का भंडाफोड़ हो गया है। इंदिरा चौक से लेकर बुढ़ार रोड और न्यू बस स्टैंड तक रविवार को हुई अमानवीय कार्रवाई कोई सामान्य अतिक्रमण हटाओ अभियान नहीं, बल्कि एक बड़े रसूखदार को फायदा पहुंचाने की सोची-समझी साजिश थी। जिला व्यापारी संघ, शहडोल द्वारा मुख्यमंत्री और कलेक्टर को सौंपे गए संयुक्त ज्ञापन में यह सनसनीखेज आरोप लगाया गया है कि डॉ. कुलदीप पटेल के हॉस्पिटल निर्माण के कारण, उन्हें व्यक्तिगत लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से इस तथाकथित मॉडल रोड का निर्माण कराया जा रहा है और इसी की आड़ में बेगुनाह व्यापारियों को उजाड़ा गया है। इस पूरे दमनकारी खेल में प्रशासनिक निरंकुशता इस कदर हावी थी कि स्वयं कलेक्टर द्वारा '16 मीटर की रोड को पर्याप्त' बताते हुए सहमति देने के बावजूद, मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) निशांत सिंह ठाकुर ने अपनी तानाशाही चलाकर पूरे मार्ग को श्मशान में तब्दील कर दिया। सोमवार, 29 जून 2026 को जिला व्यापारी संघ के अध्यक्ष लक्ष्मण गुप्ता और महामंत्री प्रकाश ओचानी के नेतृत्व में शहर के 13 प्रमुख समाजों (सिख, क्षत्रिय, ब्राम्हण, वैश्य, केशरवानी, कसौधन, साहू, जैन, कायस्थ, मुस्लिम समाज व अन्य संगठनों) ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ज्ञापन में साफ कहा गया है कि रविवार सुबह 8 बजे से ही सीएमओ निशांत सिंह ठाकुर नपा बल को लेकर दमनकारी कार्रवाई पर उतारू थे। नागरिकों और खुद कलेक्टर के टोकने के बावजूद, बंद दुकानों और वैध मकानों को बर्बरतापूर्वक तोड़ा गया। हद तो तब हो गई जब व्यापारी सीताराम गुप्ता और उनके भतीजे के मना करने के बाद भी, सीएमओ ने जानबूझकर जान लेने की नीयत से जेसीबी से स्लैब गिराने का आदेश दे दिया। इस खूनी खेल के बाद पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और सीएमओ सहित दोषी कर्मचारियों पर धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज करने की मांग उठाई गई है। व्यापारी संघ ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि 07 दिनों के भीतर मजिस्ट्रियल जांच कराकर दोषियों को सस्पेंड और गिरफ्तार नहीं किया गया, तो जिले के सभी व्यावसायिक और सामाजिक संगठन मिलकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। खुद नालों पर अवैध कब्जे करवाकर शहर को डूबाया, अब वैध मकानों पर ढा रहे कहर"शहडोल। व्यापारी संघ ने इस कार्रवाई के पीछे नगर पालिका के दोहरे चरित्र को भी बेनकाब किया है। आरोप है कि नगर पालिका की शह पर शहर के प्रमुख नालों पर अवैध कब्जे कराकर बहुमंजिला भवन तान दिए गए हैं, जिससे नालों का अस्तित्व ही खत्म हो चुका है। इसी भ्रष्टाचार का नतीजा है कि न्यू गांधी चौक, एमएलबी हायर सेकेंडरी स्कूल के पास, शंकर टाकीज, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, पटेल नगर और इतवारी मोहल्ला जैसी घनी बस्तियां पूरी बरसात में जलमग्न रहती हैं। जनता का सवाल है कि जिन रसूखदारों ने नालों को निगल लिया, उन पर नगर पालिका का बुल्डोजर क्यों नहीं चलता? इसके अलावा, जिस जेसीबी (नंबर MP 18 D 0358) से इस खूनी वारदात को अंजाम दिया गया, उसके मालिक और ड्राइवर पर भी मुकदमा कायम कर वाहन को तत्काल जब्त करने की मांग की गई है। इस आर-पार की लड़ाई में शानुल्लाह खान,मनोज सराफ, अनिल रोहरा, अमित बजाज, रामवतार गुप्ता, मनमोहन गुप्ता, सोहन गुप्ता, और प्रदीप केशरवानी सहित सैकड़ों व्यापारियों ने हस्ताक्षर कर आर-पार के आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।

