रेलवे पुलिस की गश्त पर उठे गंभीर सवाल,तीसरी आंख' में कैद हुई शातिर चोर की करतूत,खिड़की से हाथ डालकर वारदात को दिया अंजाम
Junaid Khan - शहडोल। संभागीय मुख्यालय के सबसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर ताश के पत्तों की तरह ढह गई है। दावों और वादों के बीच अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब आम प्लेटफॉर्म तो दूर, सुरक्षित माने जाने वाले वीआईपी वेटिंग हॉल' में भी मुसाफिर महफूज नहीं हैं। बीती रात यहां सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए एक शातिर उचक्के ने वीआईपी वेटिंग हॉल के भीतर सो रहे एक यात्री के कीमती मोबाइल पर हाथ साफ कर दिया। इस सनसनीखेज वारदात ने न सिर्फ रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और शासकीय रेलवे पुलिस (GRP) की रात्रि गश्त की पोल खोल दी है, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि स्टेशन परिसर में अपराधियों का नेटवर्क किस कदर सक्रिय है।
वीआईपी जोन में हुई इस दुस्साहसिक चोरी ने रेल प्रशासन की मुस्तैदी को सीधे तौर पर चुनौती दे डाली है
यात्री को भांप रहा था शातिर, गहरी नींद आते ही खिड़की से किया हाथ साफ प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिंहिनिया (उचेरा) निवासी 24 वर्षीय सुधीर गुप्ता, पिता शिवदयाल गुप्ता, ट्रेन नंबर 12854 से जबलपुर से सफर कर शहडोल पहुंचे थे। देर रात लगभग 2:30 बजे थकान के कारण वे स्टेशन के वीआईपी वेटिंग हॉल में अपना मोबाइल चार्जिंग पर लगाकर आराम करने लगे। इसी दौरान वहां पहले से घात लगाकर बैठा एक संदिग्ध उचक्का, जो खुद को यात्री दिखाकर सुरक्षा एजेंसियों की आंखों में धूल झोंक रहा था, लगातार सुधीर की गतिविधियों पर नजर रखे हुए था। जैसे ही पीड़ित गहरी नींद में सोया, शातिर ने बेहद शातिर ढंग से बाहर की खिड़की से हाथ डालकर चार्जिंग पर लगा मोबाइल निकाला और रफूचक्कर हो गया। हालांकि, यह पूरी वारदात स्टेशन पर लगी 'तीसरी आंख' यानी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें आरोपी वारदात के बाद सरपट भागता नजर आ रहा है। मजे की बात यह है कि आरपीएफ का दावा है कि उनके स्टाफ ने पीड़ित को रात में 4-5 बार जगाकर सतर्क किया था, लेकिन इसके बावजूद वीआईपी हॉल की खिड़की के रास्ते हुई इस वारदात ने सुरक्षा के घेरे पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है कि आखिर एक संदिग्ध इतनी देर तक वीआईपी लॉबी के आसपास क्या कर रहा था? प्रशासन की अपील,हुलिया देखकर पहचानें, उचक्कों की धरपकड़ के लिए घेराबंदी तेज घटना के बाद हरकत में आई आरपीएफ शहडोल ने मोबाइल की लास्ट लोकेशन ट्रेस कर ली है और पूरे इलाके में संदिग्धों की धरपकड़ के लिए घेराबंदी तेज कर दी है। आरपीएफ के प्रभारी निरीक्षक ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर क्षेत्र की जनता और रेल यात्रियों से इस शातिर चोर को पहचानने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि यदि कोई भी व्यक्ति इस हुलिए के संदिग्ध को देखता है, तो तत्काल आरपीएफ के शासकीय नंबरों पर सूचना दे, सूचनाकर्ता का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा। वहीं दूसरी ओर, इस घटना ने यात्रियों में भी भारी असंतोष पैदा कर दिया है। जानकारों का कहना है कि अगर वीआईपी वेटिंग हॉल जैसी जगहों पर खिड़की से हाथ डालकर चोरियां हो रही हैं, तो यह सीधे तौर पर बुनियादी सुरक्षा खामी है, जिसे दुरुस्त करने के बजाय प्रशासन केवल यात्रियों की 'लापरवाही' बताकर अपना पल्ला नहीं झाड़ सकता। बहरहाल, पुलिस ने चोर की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है, लेकिन इस वारदात ने अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस और रेल प्रशासन की लचर व्यवस्था को सरेआम बेनकाब कर दिया है।
