मिनी ब्राजील के आंगन में उतरा 'फीफा' का रोमांच,कलेक्टर की संवेदनशीलता और फुटबॉल संघ के जज्बे ने बदला विचारपुर का इतिहास

मिनी ब्राजील के आंगन में उतरा 'फीफा' का रोमांच,कलेक्टर की संवेदनशीलता और फुटबॉल संघ के जज्बे ने बदला विचारपुर का इतिहास


Junaid Khan - शहडोल। शहडोल संभाग का वह सुदूर कोना, जिसे दुनिया 'मिनी ब्राजील' के नाम से सजदा करती है, अब वहां की धूल भरी पिचों से अंतरराष्ट्रीय स्तर के सूरमा निकलने का रास्ता साफ हो गया है। विचारपुर गांव के जिन नन्हे फुटबॉल जादूगरों के पैरों में हुनर तो था, लेकिन आंखों में वैश्विक खेल तकनीक को लाइव देखने की तड़प थी, उनका वह मलाल अब इतिहास बन चुका है। जिले के संवेदनशील कलेक्टर डॉ. केदार सिंह की दूरदर्शी सोच और खेल को अपनी रूह में बसाने वाले जिला फुटबॉल संघ शहडोल के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छाबड़ा के अनुकरणीय जज्बे ने मिलकर एक ऐसा ऐतिहासिक काम कर दिखाया है, जिसकी गूंज सूबे के खेल गलियारों में साफ सुनी जा सकती है। 11 जून से शुरू हो चुके 'फीफा वर्ल्ड कप' के महाकुंभ से महरूम चल रहे इन होनहारों के लिए प्रशासनिक और सामाजिक तालमेल से 75 इंच की अत्याधुनिक और विशालकाय स्मार्ट टीवी सीधे मैदान के पास पहुंचा दी गई है। अब विचारपुर के बच्चे न सिर्फ विश्वस्तरीय फुटबॉल का लाइव रोमांच देख रहे हैं, बल्कि सुपरस्टार खिलाड़ियों की अत्याधुनिक तकनीकों को अपनी आंखों में कैद कर शहडोल की धरती पर 'इंटरनेशनल गेम प्लान' तैयार करने में जुट गए हैं। जिला फुटबॉल संघ के सचिव रईस अहमद ने इस अभूतपूर्व सौगात की जमीनी हकीकत बयां करते हुए कहा कि संसाधनों की कमी और सुविधाओं के घने अभाव के चलते यहां के प्रतिभावान खिलाड़ी विश्व कप के मुकाबलों को लाइव देखने से वंचित थे। बच्चों के दिल में एक गहरी कसक थी कि काश वे भी दुनिया की दिग्गज टीमों के दांव-पेंच लाइव देख पाते। कलेक्टर डॉ. सिंह ने इस दर्द को न सिर्फ समझा, बल्कि तत्काल एक्शन मोड में आते हुए खेल संघ के साथ मिलकर इस कमी को दूर कर दिया। अब इस मेगा स्क्रीन के आने से स्थानीय कोचों के हौसले आसमान पर हैं। मैदान पर पसीना बहाने वाले रणनीतिकारों का साफ कहना है कि डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से अब बच्चों को फुटबॉल की बारिकियां, ऑन-फील्ड पोजिशनिंग, और कठिन कोचिंग प्लान समझाना बेहद आसान हो जाएगा। यह केवल एक टीवी नहीं, बल्कि ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को वैश्विक पटल पर स्थापित करने का एक 'लॉन्चिंग पैड' साबित होने जा रहा है। अद्भुत था उत्साह, पूरी खेल बिरादरी ने दिल खोलकर सराहा। विचारपुर के इस ऐतिहासिक पल का गवाह पूरा गांव और खेल जगत के कई दिग्गज बने। इस सराहनीय और प्रेरणादायी पहल पर रिलायंस फाउंडेशन के सीएसआर हेड राजीव श्रीवास्तव, हाथमी हॉस्पिटल विचारपुर की डॉ. मरियम, जिला फुटबॉल संघ के कार्यकारी अध्यक्ष मोहम्मद जकरिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ए.के. मोहंती, बालकृष्ण बंगारी, अजय विजया, मोहम्मद शमीम सहित समूचे फुटबॉल संघ के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन के इस कदम को खेल क्रांति की शुरुआत बताया है। कार्यक्रम को गरिमा प्रदान करने में कोषाध्यक्ष अनिल सिंह, संभागीय आईटी सेल प्रभारी अमजद रंगरेज सहित राष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी और सम्मानित कोच नरेंद्र कुंडे व नरेश कुंडे की गरिमामयी उपस्थिति रही। वहीं, मैदान पर पसीना बहाने वाले स्थानीय कोच व खेल विशेषज्ञ रजनी सिंह, सीताराम सहिस, शंकर दहिया, लक्ष्मी सहीस और यशोदा सिंह ने इस पहल को शहडोल के फुटबॉल इतिहास का टर्निंग पॉइंट करार दिया है। जैसे ही 74 इंच की स्क्रीन पर लाइव मैच शुरू हुआ, नन्हे खिलाड़ियों और ग्रामीणों की आंखों में तैरती चमक ने साफ कर दिया कि शहडोल का यह 'मिनी ब्राजील' आने वाले वक्त में देश को कई बड़े सितारे देने के लिए पूरी तरह तैयार है। पूरे अंचल ने कलेक्टर और फुटबॉल संघ के इस अभिनव प्रयास के प्रति कृतज्ञता जाहिर की है।

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