शहडोल में महाराणा प्रताप जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा,समाज को एकता और राष्ट्रभक्ति का दिया संदेश
Junaid Khan - शहडोल। वीर शिरोमणि, हिंदूवा सूरज महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती के अवसर पर बुधवार को शहडोल में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, राजपूत शिक्षा समिति, जय राजपूताना संघ एवं समस्त क्षत्रिय समाज के संयुक्त तत्वावधान में भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए राष्ट्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारियों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों तथा बड़ी संख्या में समाजजनों ने सहभागिता की। कार्यक्रम की शुरुआत मां कंकाली देवी मंदिर में पूजा-अर्चना एवं आशीर्वाद प्राप्त कर हुई। इसके बाद अतिथियों ने महाराणा प्रताप पब्लिक स्कूल एवं राजपूत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अमरहा का भ्रमण कर शिक्षा के क्षेत्र में समाज की भूमिका पर चर्चा की। दोपहर में होटल विजय श्री, शहडोल में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल इतिहास के महान योद्धा नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान, त्याग और अदम्य साहस के अमर प्रतीक हैं। उनके आदर्श आज भी युवाओं को राष्ट्र और समाज के लिए समर्पित होकर कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। इसके बाद अमरहा से निकली विशाल शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई महाराणा प्रताप चौक पहुंची, जहां महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। शोभायात्रा में पारंपरिक वेशभूषा, भगवा ध्वज, घुड़सवार दल, बैंड-बाजे तथा बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। पूरे मार्ग में महाराणा प्रताप के जयघोष और राष्ट्रभक्ति के नारों से वातावरण गूंज उठा। सायंकाल सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पाण्डव नगर में आयोजित मंचीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने समाज को एकजुट रहने, शिक्षा को बढ़ावा देने तथा युवाओं को राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान किया।
अतिथियों के प्रमुख विचार
राष्ट्रीय अध्यक्ष कुँवर हरिवंश सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन आत्मसम्मान, स्वतंत्रता और राष्ट्रप्रेम का सर्वोच्च उदाहरण है। समाज को उनके आदर्शों पर चलकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। वरिष्ठ अधिवक्ता ए.पी. सिंह ने कहा कि समाज की सबसे बड़ी शक्ति शिक्षा, संगठन और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता है। युवाओं को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी पालन करना चाहिए। डॉ. भागवत सिंह राजपूत ने युवाओं से समाज सेवा, शिक्षा और राष्ट्रहित के कार्यों में आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि संगठित समाज ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला होता है। राघवेन्द्र सिंह 'राजू' ने कहा कि महाराणा प्रताप का संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है और हमें उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना चाहिए। राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ नीतू सिंह ने कहा कि समाज की प्रगति में मातृशक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा महिलाओं को शिक्षा और नेतृत्व में आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, पत्रकारों एवं समाजजनों का आभार व्यक्त करते हुए समाज में एकता, शिक्षा, संस्कार और राष्ट्रभक्ति के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
