खाकी लाचार,बेखौफ चोरों का तांडव,ख़बर प्रकाशन के बाद जागा महकमा,पर सुराग अब भी सिफ़र

तीन अलग-अलग थानों में सेंधमारी से दहला जिला,जयसिंहनगर, कोतवाली और सिंहपुर में दिन-दहाड़े और रात को वारदातों से जनता में दहशत, पुलिस की गश्त पर उठे गंभीर सवाल 


Junaid Khan - शहडोल। मीडिया में जिले के भीतर लगातार बढ़ती चोरी की घटनाओं को प्रमुखता से उजागर किए जाने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप तो मचा है, लेकिन जमीनी हकीकत जस की तस बनी हुई है। पूर्व में प्रकाशित सनसनीखेज खबर का बड़ा असर देखने को मिला है, जिससे गहरी नींद में सोया प्रशासनिक अमला अचानक हरकत में आ गया है। इसके बावजूद, बदमाशों को कानून का कोई खौफ नहीं है और वे खाकी की गश्त को ठेंगा दिखाते हुए खुलेआम वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। जिले के तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक के बाद एक हुई सिलसिलेवार चोरियों ने स्थानीय पुलिस के सुरक्षा दावों की कलई खोलकर रख दी है। बेखौफ बदमाश न केवल घरों को निशाना बना रहे हैं, बल्कि नकदी, जेवरात सहित अनाज और मशीनरी सामान तक बटोर ले जा रहे हैं, जिससे आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।

अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वे दिन और रात का फर्क भी भूल चुके हैं

जयसिंहनगर क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 11 में बीती रात बदमाशों ने एक सूने मकान को निशाना बनाया। पीड़िता राधा तिवारी जब अपने काम के सिलसिले में ब्यौहारी गई थीं, तभी अज्ञात चोरों ने ताला चटकाकर नकदी, जेवर और कीमती सामान के साथ-साथ अनाज पर भी हाथ साफ कर दिया। वहीं, दूसरी दुस्साहसिक वारदात कोतवाली थाना क्षेत्र के वार्ड 28 में सामने आई, जहां चोरों ने सारी हदें पार करते हुए घर की पीछे की दीवार ही तोड़ दी। पीड़ित जब किसी काम से बाहर गया था, तब चोरों ने सेंधमारी कर कीमती मशीनरी सामान, नकदी और जेवरात से भरा बैग पार कर दिया। तीसरी और सबसे चौंकाने वाली घटना सिंहपुर में हुई, जहां सिंहपुर अस्पताल में कार्यरत महिला कर्मचारी रानी कुशवाहा के घर पर रविवार को दिन-दहाड़े चोरी हुई। महिला सुबह ताला बंद कर ड्यूटी पर गई थी, और दोपहर करीब 2 बजे जब लौटी तो अलमारी का लॉकर टूटा हुआ था तथा जेवरात गायब थे।

इन सभी मामलों में पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना तो शुरू कर दी है, लेकिन अपराधियों का कोई सुराग हाथ न लगना सीधे तौर पर स्थानीय खुफिया तंत्र और रात्रि गश्त की विफलता को दर्शाता है। कानून-व्यवस्था को सीधी चुनौती देने वाले इन गिरोहों के सामने पुलिस पस्त नजर आ रही है। अब देखना यह है कि पूर्व में प्रकाशित खबर के असर से जागी पुलिस केवल कागजी खानापूर्ति और लकीर पीटने तक सीमित रहती है, या फिर इन शातिर बदमाशों को सलाखों के पीछे भेजकर जनता का खोया हुआ विश्वास बहाल कर पाती है।

दीवार ढहा दी, पर गश्त दल को भनक तक नहीं,कोतवाली वार्ड 28 में चोरों ने ईंटें निकालकर दीवार तोड़ दी, जिससे साफ़ है कि चोरों को पुलिस के आने का रत्ती भर भी डर नहीं था।

दिन-दहाड़े सिंहपुर में वारदात, अस्पताल कर्मी के सूने घर का ताला दोपहर 2 बजे के पहले टूटना साबित करता है कि बदमाशों ने बाकायदा रेकी की थी।

अनाज तक नहीं छोड़ा, जयसिंहनगर में नकदी-जेवर के साथ अनाज ले जाना चोरों के बढ़े दुस्साहस की पराकाष्ठा है।

Previous Post Next Post