अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर शहडोल में महाआयोजन,स्वस्थ समाज और सुरक्षित पर्यटन के संकल्प के साथ 'जन पैरवी' कार्यक्रम संपन्न

प्रशासनिक दूरदर्शिता और स्थानीय जनभागीदारी का अनूठा संगम, सुरक्षित पर्यटन के क्षेत्र में शहडोल बना रोल मॉडल


Junaid Khan - शहडोल। वैश्विक पटल पर भारत की प्राचीन संस्कृति को गौरव दिलाने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर शहडोल जिला मुख्यालय में एक ऐतिहासिक और गरिमामय 'जन पैरवी' कार्यक्रम का शानदार आयोजन संपन्न हुआ। रघुराज उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-2 परिसर स्थित 'मुख्यमंत्री जिला योग प्रशिक्षण केन्द्र' में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में प्रशासनिक तत्परता, सामाजिक जागरूकता और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार के विजन का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित और मध्य प्रदेश योग आयोग भोपाल के मार्गदर्शन में चल रहे इस केंद्र ने एक बार फिर साबित किया है कि शहडोल जिला स्वास्थ्य और सामाजिक चेतना के मामले में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रख्यात जिला योग प्रभारी सूर्य प्रकाश तिवारी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी की जिला अध्यक्ष श्रीमती अमिता चपरा मौजूद रहीं। शासन की नीतियों को जमीनी स्तर पर उतारने वाले इस गरिमामय आयोजन में 'इंडियन ग्रामीण सर्विसेज' (IGS) के तत्वावधान में मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड भोपाल द्वारा संचालित 'महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना' के अंतर्गत गंभीर विचार-विमर्श और भावी रणनीतियों पर जन पैरवी की गई। सुरक्षित पर्यटन और महिला सशक्तिकरण का नया अध्याय: आईजीएस की अनूठी पहल। कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए 'इंडियन ग्रामीण सर्विसेज' के शहडोल संकुल समन्वयक सुशील कुमार पाण्डेय ने परियोजना की दूरगामी रूपरेखा और इसकी सफलता की विस्तृत रिपोर्ट साझा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप, मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड भोपाल द्वारा प्रदेश के 50 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 20 क्लस्टर्स के माध्यम से इस महत्वाकांक्षी परियोजना का संचालन किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य न केवल देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों, बल्कि विशेष रूप से महिला पर्यटकों के लिए एक सर्वथा सुरक्षित, सुगम और भयमुक्त वातावरण तैयार करना है। शहडोल क्लस्टर के अंतर्गत आने वाले विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान, ऐतिहासिक नगरी शहडोल और पवित्र उद्गम स्थल अमरकंटक जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों पर आईजीएस की टीम पूरी निष्ठा और मुस्तैदी के साथ इस परियोजना का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। प्रशासन की इस अनूठी पहल से पर्यटन स्थलों पर स्थानीय महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, जिससे उन्हें आर्थिक स्वावलंबन के साथ-साथ एक सुरक्षित सामाजिक परिवेश भी मिल रहा है। इस अनुकरणीय कार्य के लिए पूरा प्रशासनिक अमला और जमीनी स्तर पर जुटी आईजीएस की टीम क्षेत्र में प्रशंसा की पात्र बनी हुई है योग से निरोगी काया और प्रशासनिक समर्पण को मिली सराहना। इससे पूर्व, कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमती अमिता चपरा ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के वैश्विक महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक चेतना का आधार है। निरंतर योगाभ्यास के माध्यम से जीवन भर निरोगी काया का वरदान प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री जिला योग केंद्र की व्यवस्थाओं और योग को जन-जन तक पहुँचाने के सरकारी प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की। कार्यक्रम के अध्यक्ष सूर्यप्रकाश तिवारी ने गर्व के साथ जानकारी साझा की कि इस केंद्र में पिछले कई वर्षों से बिना किसी बाधा के, निरंतर प्रातः काल जिले भर से सैकड़ों योगाभ्यासी आकर योगासन, प्राणायाम तथा शारीरिक-मानसिक व्यायाम का निःशुल्क लाभ उठा रहे हैं, जो कि स्थानीय प्रशासन की खेल और स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस ऐतिहासिक जन पैरवी कार्यक्रम में प्रशासनिक गरिमा को बढ़ाते हुए श्रीमती अमिता चपरा, सूर्यप्रकाश तिवारी, श्रीमती कल्याणी बाजपेयी, संजय श्रीवास्तव, रमाशंकर, बल्देव राज शर्मा, वर्षा तनेजा, कल्पना सोनी, इन्द्रजीत सिंह तथा रीतेश मिश्रा सहित क्षेत्र के लगभग चालीस से अधिक गणमान्य नागरिकों, बुद्धिजीवियों और योग साधकों की सक्रिय उपस्थिति रही। सभी ने एक स्वर में शासन की इस कल्याणकारी योजना और योग केंद्र के उत्कृष्ट प्रबंधन की सराहना करते हुए शहडोल को पर्यटन और स्वास्थ्य के मानचित्र पर एक आदर्श जिला बनाने का संकल्प लिया।

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