सराहनीय कदम,जिला व्यापारी संघ के तीखे तेवरों के आगे झुका नगर पालिका प्रशासन,कलेक्टर ने गठित किया संयुक्त सीमांकन दल; 'अवैध' का ठप्पा लगाने वाले अफसरों की बढ़ी धड़कनें
Junaid Khan - शहडोल। जिला मुख्यालय के इंदिरा चौक से बस स्टैंड बलपुरवा रोड पर नगर पालिका द्वारा किए जा रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य में अचानक उस समय नया मोड़ आ गया, जब वैध संपत्तियों को भी 'अवैध' बताकर उजाड़ने की प्रशासनिक साजिश का पर्दाफाश हुआ। नगर पालिका प्रशासन द्वारा विकास की आड़ में मनमाने ढंग से बिना किसी ठोस पैमाइश के वैध मकानों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को मलबे में तब्दील करने की गुपचुप तैयारी कर ली गई थी। नगर पालिका के इस तानाशाही और अवैध रवैये के खिलाफ 'जिला व्यापारी संघ' ने सीधे तौर पर प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए मोर्चा खोल दिया। संघ द्वारा सौंपे गए तीखे और तथ्यों से भरे ज्ञापन के बाद, जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट केदार सिंह ने मामले की गंभीरता को भांपते हुए इस पूरे खेल पर तत्काल ब्रेक लगा दिया। कलेक्टर ने नगर पालिका की मनमानी पर अंकुश लगाते हुए स्पष्ट आदेश जारी किए हैं कि किसी भी वैध निर्माण पर बिना निष्पक्ष जांच के बुलडोजर नहीं चलेगा, जिससे आनन-फानन में लाल निशान लगाने वाले नपा के चुनिंदा अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
सराहनीय पहल, दूध का दूध और पानी का पानी करने मैदान में उतरी 07 सदस्यीय टीम
कलेक्टर द्वारा समय पर उठाए गए इस कदम की जहां आम जनता और व्यापारियों द्वारा भूरी-भूरी प्रशंसा की जा रही है, वहीं इसे निष्पक्ष न्याय की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। कलेक्टर के आदेश क्रमांक 7/6/1708/2026-ARMS-COLL-SDL के तहत अपर तहसीलदार सोहागपुर श्री दीपक पटेल के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय 07 सदस्यीय संयुक्त सीमांकन दल का गठन कर दिया गया है। इस टीम में सोहागपुर और बुढ़ार तहसील के मंझे हुए राजस्व अधिकारियों व पटवारियों को शामिल किया गया है, जिसमें श्री जीवेंद्र सिंह, श्री जीवन लाल पनिका, श्री राम नरेश सिंह, श्री कुलदीप सिंह, श्री सुजीत श्रीवास्तव और श्री दीपक पटेल (खोलहाड़) शामिल हैं। कार्यालय तहसीलदार सोहागपुर द्वारा जारी 'अति-आवश्यक सीमांकन सूचना पत्र' के अनुसार यह टीम 30 जून 2026 को सुबह 11:00 बजे से मौके पर पहुंचकर एक-एक भूमि का बारीकी से भौतिक सत्यापन और निष्पक्ष सीमांकन कार्य शुरू कर चुकी है।
निष्पक्षता की चुनौती,पारदर्शी जांच से ही बेनकाब होंगे पर्दे के पीछे बैठे 'असली गुनहगार'
यह पूरी कार्रवाई अब नगर पालिका के उन रसूखदार अधिकारियों के लिए एक खुली चुनौती बन चुकी है जो बिना किसी सीमांकन के मनमाने ढंग से नक्शा बदलकर अपनी जेबें गर्म करने और चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाने की फिराक में थे। कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सीमांकन के दौरान सभी संबंधित भवन व दुकान स्वामियों को अपने वैध दस्तावेज (खसरा, बी-1, स्वीकृत मानचित्र और रजिस्ट्री) के साथ उपस्थित रहने का मौका दिया जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे। इसके साथ ही, जांच दल को निर्देश दिए गए हैं कि वे व्यापारी संघ के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में ही इस एक दिवसीय सीमांकन की कार्रवाई को पूरा कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। सजग व्यापारियों की एकजुटता और जिला प्रशासन के इस त्वरित व सकारात्मक हस्तक्षेप ने यह साफ कर दिया है कि विकास के नाम पर जनता के अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब देखना यह है कि इस निष्पक्ष जांच रिपोर्ट के बाद उन नपा अधिकारियों पर क्या गाज गिरती है जिन्होंने बिना सत्यापन के वैध निर्माणों को 'अवैध' घोषित करने का दुस्साहस किया था।
