19 जुलाई को मनाया जाएगा गौसेवा दिवस एवं संस्थान के 09 वर्ष पूर्ण होने का उत्सव
Junaid khan - शहडोल। भारत मां के अमर सपूत एवं प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक क्रांतिकारी मंगल पांडे की 199वीं जयंती के पावन अवसर पर 19 जुलाई 2026 को अटल कामधेनु गौसेवा संस्थान, कल्याणपुर, शहडोल द्वारा “गौसेवा दिवस” मनाया जाएगा। इसी दिन संस्थान अपने सेवा के सफल 09 वर्ष पूर्ण कर रहा है। इस अवसर पर मानस पाठ, पूजन एवं सर्जनों (सेवाभावियों) का भंडारा आयोजित किया जाएगा। वर्ष 2017 में एक छोटे से तंबू, बल्लियों और तिरपाल के नीचे शुरू हुई यह सेवा आज जनसहयोग और समर्पण के बल पर एक विशाल गौसेवा अभियान का रूप ले चुकी है। जो कभी कुछ घायल गौमाताओं की सेवा से प्रारंभ हुआ था, वही आज 300 से अधिक सड़क दुर्घटना में घायल, दिव्यांग एवं असहाय गौवंश, भैंस, स्वान, बिल्लियों, बंदरों सहित अनेक मूक जीवों का सुरक्षित आश्रय बन चुका है। वर्तमान में संस्थान परिसर में 300 से अधिक मूक जीवों की नियमित सेवा, उपचार, भोजन एवं देखभाल की जा रही है। बीते 09 वर्षों में संस्थान द्वारा लगभग 25,000 से अधिक सड़क दुर्घटना में घायल गौवंश एवं अन्य मूक जीवों का रेस्क्यू, उपचार, बचाव एवं पुनर्वास किया जा चुका है। समय पर चिकित्सा और सेवा के माध्यम से हजारों बेजुबान जीवों को नया जीवन मिला है। यही सेवा आज अटल कामधेनु गौसेवा संस्थान की पहचान बन चुकी है। संस्थान का सेवाकार्य आज मध्यप्रदेश के 10 से अधिक जिलों तक पहुंच चुका है। गौसेवा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न अभियान चलाए जा रहे हैं, जिनसे समाज में गौवंश के प्रति संवेदनशीलता, श्रद्धा और सेवा का भाव लगातार मजबूत हुआ है। संस्थान केवल दुर्घटनाग्रस्त गौवंश के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि भीषण गर्मी में नाद एवं जलपात्रों के माध्यम से पेयजल की व्यवस्था, सर्दी में संरक्षण तथा वर्षा ऋतु सहित वर्ष के 365 दिन, चौबीसों घंटे गौवंश एवं अन्य मूक जीवों की सेवा में निरंतर समर्पित रहता है। किसी भी दुर्घटना या सूचना पर संस्था की रेस्क्यू टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य करती है। संस्थान के निस्वार्थ सेवाकार्यों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अनेक सम्मान प्राप्त हुए हैं। इनमें ‘आचार्य विद्यासागर जीव दया सम्मान’ विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जिससे संस्थान को मध्यप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा सम्मानित किया गया। इसके अलावा गौसेवा एवं जीव-दया के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए संस्थान को अनेक राज्य एवं राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। इस सेवा यात्रा का श्रेय उन हजारों दानदाताओं, सहयोगियों, गौभक्तों, स्वयंसेवकों और समाज के संवेदनशील नागरिकों को जाता है, जिनके सहयोग और विश्वास से यह सेवा निरंतर आगे बढ़ रही है। यह संकल्प अटल कामधेनु गौसेवा संस्थान के संस्थापक श्री गौरव राली मिश्रा का था, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अथक परिश्रम, समर्पण और सेवा-भाव के साथ इस अभियान की शुरुआत की। आज उसी संकल्प का परिणाम है कि यह संस्थान हजारों मूक जीवों के लिए आशा, सुरक्षा और जीवन का केंद्र बन चुका है। संस्थान ने समस्त गौभक्तों, समाजसेवियों एवं नागरिकों से 18 एवं 19 जुलाई को आयोजित कार्यक्रमों में सहभागी बनकर गौसेवा के इस पावन संकल्प को और अधिक सशक्त बनाने का आग्रह किया है। सेवा ही संकल्प,गौसेवा ही धर्म।
