रामपुर बटुरा ओसीपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 32 माइनिंग सुपरवाइजरों की नई पदस्थापना
Junaid Khan - शहडोल। धनपुरी सोहागपुर एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र की रामपुर बटुरा ओपनकास्ट परियोजना में खदान संचालन को अधिक प्रभावी, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। परियोजना प्रबंधन ने 32 माइनिंग सुपरवाइजरों की जनरल शिफ्ट, ब्लास्टिंग सेक्शन एवं रिले-A, रिले-B और रिले-C में नई पदस्थापना का विस्तृत कार्यालय आदेश जारी कर तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। इस आदेश के जारी होते ही पूर्व में जारी सभी पदस्थापना आदेश स्वतः निरस्त हो गए हैं। नई जिम्मेदारियों का बंटवारा। खान प्रबंधक कार्यालय, रामपुर बटुरा ओसीपी द्वारा जारी आदेश के अनुसार सीनियर ओवरमैन, जूनियर ओवरमैन, माइनिंग सरदार तथा पीएसए को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रत्येक कर्मचारी के लिए संबंधित कंट्रोलिंग ऑफिसर भी नियुक्त किए गए हैं, जिनके निर्देशन में उन्हें कार्य करना होगा। नई व्यवस्था के तहत वर्कमैन इंस्पेक्टर राकेश कुमार गुप्ता को ओबी एवं कोल फेस इंचार्ज सीनियर ओवरमैन आफताब आलम* को कोल डिस्पैच इंचार्ज तथा रंजीत सिंह सीनियर पी.एस.ए को कोल फेस. एवं ओबी फेस का इंचार्ज. वरिष्ठ ओवरमैन धर्मेश गुप्ता* को ब्लास्टिंग आफिसर के दायित्व सौंपे गए हैं। शिफ्ट प्रभारियों की नियुक्ति। रिले-A में शिफ्ट इंचार्ज का दायित्व सीनियर ओवरमैन अजीत कुमार तिवारी को. रिले-B में सीनियर ओवरमैन आदित्य सोनी को शिफ्ट इंचार्ज का दायित्व सौंपा गया है।रिले-C की शिफ्ट इंचार्ज का दायित्व सीनियर ओवरमैन कमलेश कुमार साकेत* को दी गई है। सुरक्षा पर विशेष फोकस। खदान मे शुन्य दुर्घटना लक्ष्य को हासिल करने और कार्यस्थल सुरक्षा मानकों कों सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए। सीनियर ओवरमैन लल्लन प्रसाद, माइनिंग सरदार शुभम मिश्रा* एवं माइनिंग सरदार दीपांक गौतम* को सेफ्टी ऑफिसर की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। ये तीनों पहले से ही सुरक्षा दायित्वों का वाखूबी निर्वहन कर रहे हैं। सख्त निर्देश जारी। परियोजना में कार्यरत अन्य सभी माइनिंग सुपरवाइजरों को भी उनकी योग्यता एवं कार्य आवश्यकता के अनुरूप नई शिफ्टों में पदस्थ किया गया है। कार्यालय आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी संबंधित अधिकारी एवं सुपरवाइजर तत्काल अपने कंट्रोलिंग ऑफिसर को रिपोर्ट करें तथा अगले आदेश तक निर्धारित शिफ्ट/रिले में ही कार्य करें। साथ ही कोल माइंस रेगुलेशन- के सभी प्रावधानों एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करें।
