प्रशासनिक ढुलमुल रवैये और सरकार की नीतियों के खिलाफ राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, शिक्षा माफिया और पेपर लीक पर साधा निशाना
Junaid Khan - शहडोल। प्रदेश एवं देशभर में लगातार युवाओं, प्रतियोगी अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़, गिरते शिक्षा स्तर और भर्ती परीक्षाओं में व्यापक धांधली के विरोध में शहडोल जिले में सामाजिक और राजनीतिक एकता का एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) तथा भीम आर्मी भारत एकता मिशन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से मोर्चा खोला। AIMIM के जिला प्रभारी मोहम्मद यासीन खान एवं उनके निष्ठावान कार्यकर्ताओं ने भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी के पदाधिकारियों के साथ मिलकर स्थानीय प्रशासनिक रवैये एवं सरकार की छात्र-विरोधी नीतियों के खिलाफ पुरजोर तरीके से आवाज बुलंद की। दोनों ही संगठनों के नेताओं ने एकजुटता का परिचय देते हुए दबे-कुचले, शोषित वर्ग और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए संकल्प दोहराया और स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली सत्ताधारी व्यवस्था एवं बेपरवाह प्रशासन को बख्शा नहीं जाएगा।
शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफा,पेपर लीक माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग
महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम जिला कलेक्टर शहडोल को सौंपे गए ज्ञापन में दोनों संगठनों ने देश एवं प्रदेश के करोड़ों छात्रों और अभ्यर्थियों की चिंताओं को प्रमुखता से रेखांकित किया। ज्ञापन के माध्यम से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नैतिक इस्तीफे की मांग की गई है। इसके साथ ही छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस द्वारा अभ्यर्थियों पर की गई बर्बरता और दंडात्मक कार्रवाइयों की कड़ी निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई। प्रमुख मांगों में पेपर लीक गिरोहों और शिक्षा माफियाओं के विरुद्ध समयबद्ध व कठोरतम कार्रवाई, आंदोलन में जान गंवाने वाले प्रत्येक छात्र के परिजन को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, संसद में पेपर लीक विषय पर विस्तृत चर्चा और छात्रों के विरुद्ध दर्ज सभी मुकदमों को तत्काल रद्द करने की मांग शामिल है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि प्रशासन जिस तरह से अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़कर तानाशाही रवैया अपना रहा है, उसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
छात्र हित और जन-अधिकारों की लड़ाई में मजबूत धुरी बने भीम आर्मी और AIMIM के जांबाज कार्यकर्ता
इस पूरे जन-आंदोलन और ज्ञापन कार्यक्रम में आजाद समाज पार्टी, भीम आर्मी और AIMIM के पदाधिकारियों ने अभूतपूर्व संयम, प्रतिबद्धता और जन-समर्पण का परिचय दिया। AIMIM जिला प्रभारी मोहम्मद यासीन खान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी ने इस आंदोलन को एक नई ऊर्जा प्रदान की। भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील बैरसिया, जिला संयोजक राजेश कुशवाहा सहित आजाद समाज पार्टी एवं AIMIM के समर्पित नेताओं ने यह साबित कर दिया कि जब-जब युवाओं और वंचितों के अधिकारों पर आंच आएगी, तब-तब ये संगठन अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर ईंट से ईंट बजाने का काम करेंगे। दोनों ही दलों के संयमित और तेवरदार रुख की आम जनता एवं बुद्धिजीवी वर्ग में काफी सराहना की जा रही है। नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ज्ञापन की मांगों पर गंभीर और न्यायोचित निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में और अधिक उग्र एवं व्यापक रूप धारण करेगा।
