गोहपारू में लाइनमैन का ₹200 वसूलते वीडियो वायरल, JE की भूमिका पर भी उठ रहे गंभीर सवाल,क्या ऊपर तक पहुंचती है इस अवैध उगाही की मलाई?
Junaid Khan - शहडोल। गोहपारू मध्य प्रदेश सरकार और बिजली कंपनी भले ही उपभोक्ताओं को चौबीस घंटे निर्बाध बिजली और बेहतर जनसेवाओं के बड़े-बड़े दावे करती थक नहीं रही हो, लेकिन शहडोल संभाग के गोहपारू में हकीकत इसके ठीक उलट है। यहाँ बिजली विभाग के मैदानी कर्मचारियों ने बाकायदा 'अवैध वसूली की खुली दुकान' खोल रखी है, जहाँ हर सरकारी काम की अपनी एक 'घूसखोरी की कीमत' तय है। ताजा मामला गोहपारू विद्युत वितरण केंद्र के मुख्य बाजार क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ एक पीड़ित व्यवसाई की दुकान का टूटा हुआ सर्विस तार जोड़ने के नाम पर विभाग के बेखौफ लाइनमैन ने सरेआम ₹200 की घूस ऐंठ ली। सरकारी तंत्र को शर्मसार करने वाली इस काली करतूत का वीडियो अब सोशल मीडिया पर 'मसाले' की तरह वायरल हो रहा है, जिसने समूचे बिजली महकमे की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक शुचिता को सरेबाजार नंगा कर दिया है।
साहबों के निर्देश पर पहुंचा था 'खाकी' का कारिंदा, कर्तव्य भूलकर चमकाई खुद की जेब
पूरी घटना की कड़वी हकीकत यह है कि गोहपारू निवासी व्यवसाई पवन गुप्ता की दुकान का मुख्य खंभे से आने वाला सर्विस तार अचानक टूट गया था। धंधा प्रभावित न हो और अंधेरे से निजात मिले, इसके लिए जागरूक उपभोक्ता पवन गुप्ता ने बकायदा बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को समय पर सूचना दी थी। अधिकारियों के निर्देश पर लाइनमैन हनुमान रावत मौके पर पहुंचा तो सही, लेकिन उसने अपने सरकारी दायित्वों का निर्वहन करने के बजाय 'जेब गर्म' करने को पहली प्राथमिकता दी। पीड़ित पवन गुप्ता का सीधा आरोप है कि लाइनमैन ने लाइट चालू करने और तार जोड़ने के एवज में ₹200 की सीधे मांग रख दी। मजबूरी और लाचारी में जब उपभोक्ता उसे पैसे दे रहा था, तभी वहां मौजूद किसी शख्स ने इस पूरी 'लेनदेन' को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। अब यह वीडियो सोशल मीडिया की सुर्खियां बना हुआ है और जनता पूछ रही है कि क्या सरकारी तनख्वाह पाने वाले इन मुलाजिमों के ईमान की कीमत महज ₹200 रह गई है?
सिंडिकेट का 'मूक संरक्षण' या कमिश्नरी की अनदेखी? सुलग रहे हैं कई तीखे सवाल
इस वायरल वीडियो के बाद अब गोहपारू सहित पूरे शहडोल जिले में यह चर्चा बेहद तेज हो गई है कि इन छोटे मैदानी कारिंदों को आखिर किसका वरदहस्त प्राप्त है? स्थानीय सूत्रों और आम जनता का सीधा आरोप है कि फील्ड में होने वाली इस अवैध वसूली का एक निश्चित हिस्सा कथित तौर पर ऊपर बैठे कनिष्ठ अभियंता (JE) से लेकर अन्य मठाधीश अधिकारियों की दहलीज तक भी पहुंचता है। यही कारण है कि आए दिन होने वाली ऐसी गंभीर शिकायतों को 'साहब' लोग ठंडे बस्ते में डाल देते हैं या विभागीय जांच की औपचारिकता निभाकर रफा-दफा कर देते हैं। छोटे-मोटे सुधार कार्य जैसे फ्यूज बांधना, डीपी ठीक करना या सर्विस लाइन जोडने के नाम पर हो रही इस संगठित लूट से आम उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश और गुस्सा व्याप्त है। अब देखना यह है कि इस पुख्ता वीडियो साक्ष्य के बाद बिजली कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी इस 'रिश्वतखोर गैंग' पर क्या दंडात्मक कार्रवाई करते हैं, या फिर हमेशा की तरह मामले पर पर्दा डाल दिया जाएगा।
जनता की आवाज,इनका कहना है
मेरे से लाइनमैन हनुमान रावत के द्वारा तार जोड़ने के नाम पर ₹200 जबरन ले लिए गए हैं। मैं इस तानाशाही और घूसखोरी के खिलाफ सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline) में अपनी शिकायत दर्ज करा चुका हूं। इस संबंध में जब मैंने कनिष्ठ अभियंता (JE) यानी इंजीनियर साहब से संपर्क करने की कोशिश की, तो उनका फोन ही नहीं लगा। अधिकारी भी बात सुनने को तैयार नहीं हैं। पवन गुप्ता, पीड़ित उपभोक्ता व स्थानीय व्यापारी, गोहपारु।
