जिले के मंदिर, मेले एवं तीर्थस्थलों का कराया जाए पंजीयन–सीईओ धर्मस्व न्यास
Junaid Khan - शहडोल। 09 जुलाई 2026 कलेक्टर डॉ. केदार सिंह एवं मध्यप्रदेश तीर्थ स्थल एवं मेला प्राधिकरण (धर्मस्व न्यास) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. राजेश श्रीवास्तव की उपस्थिति में जिले के विभिन्न मंदिरों के पुजारियों एवं ट्रस्ट समिति के सदस्यों की बैठक कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने कहा कि मंदिर और तीर्थस्थल श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था, श्रद्धा और विश्वास के प्रमुख केंद्र होते हैं। श्रद्धालु बड़ी उम्मीद और विश्वास के साथ मंदिरों में आते हैं, ऐसे में उनकी आस्था बनाए रखना पुजारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पुजारियों का व्यवहार ही मंदिर की पहचान बनाता है। मंदिरों में प्राप्त चढ़ावे का उपयोग मंदिर के विकास, रख रखाव और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में किया जाना चाहिए। कलेक्टर ने कहा कि पुजारियों एवं ट्रस्ट समिति के सदस्यों से आपसी समन्वय बनाकर मंदिर परिसरों में स्वच्छता, सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता दें। उन्होंने मुंडन जैसे धार्मिक संस्कारों के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने तथा मंदिरों में बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि पुजारी समाज और प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु होते हैं। उन्होंने कहा कि जिले के धार्मिक एवं ऐतिहासिक मंदिरों, तीर्थस्थलों, आश्रमों तथा आयोजित होने वाले मेलों की जानकारी जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने एवं उनका पंजीयन कराए। उन्होंने कहा कि पंजीकृत मंदिरों एवं ट्रस्टों को मध्यप्रदेश शासन द्वारा अनुदान प्रदान किया जाता है तथा पात्र पुजारियों को मानदेय भी दिया जाता है। उन्होंने कहा कि पुजारियों को पूजा-पद्धति, उचित वेशभूषा, मंदिर के इतिहास, मंत्रों के शुद्ध उच्चारण एवं धार्मिक परंपराओं का ज्ञान होना चाहिए। मंदिरों में घंटी, शंख, धर्मग्रंथ जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं जनसहयोग से भी की जा सकती हैं। साथ ही खंडित मूर्तियों की पूजा न करने, मंदिर परिसरों को अतिक्रमण मुक्त रखने तथा स्वच्छता बनाए रखें। डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि आगामी दिनों में शहडोल संभाग में धर्मगुरुओं एवं पुजारियों की संगोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी पुजारियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ मेले में भी जिले के पुजारियों का सहयोग लिया जाएगा। बैठक में प्राप्त सुझावों के आधार पर कलेक्टर ने जिला मुख्यालय स्थित रामजानकी मंदिर परिसर की खाली भूमि पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की अनुमति प्रदान की। साथ ही कंकाली मंदिर परिसर से अतिक्रमण हटाने, वाहन पार्किंग की व्यवस्था विकसित करने तथा आवश्यकतानुसार मंदिरों में पुजारियों के लिए आवासीय सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिले के विभिन्न मंदिरों के पुजारी एवं ट्रस्ट समितियों के सदस्य उपस्थित रहे।

