दिग्विजय-जीतू के अमर्यादित बयान पतन का अंतिम प्रमाण
Junaid Khan - शहडोल। मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने दतिया विधानसभा उपचुनाव की सियासी सरगर्मी के बीच कांग्रेस आलाकमान और सूबे के दिग्गज नेताओं के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए सीधे शब्दों में ललकारा है। शहडोल प्रवास के दौरान मीडियाकर्मियों से रूबरू हुए डिप्टी सीएम ने कांग्रेस के चाणक्य कहे जाने वाले दिग्विजय सिंह और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने दो टूक कहा कि कांग्रेस के भीतर मची भीषण अंतरकलह, लगातार मिल रही करारी शिकस्त और जनता द्वारा बार-बार नकारे जाने के बाद अब विपक्षी नेताओं में भारी हताशा और गहरी खीझ साफ दिखाई देने लगी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो दल अपनी ऐतिहासिक पराजयों पर आत्ममंथन करने के बजाय दूसरों पर अनर्गल कीचड़ उछालने में व्यस्त हो, उसका पूरी तरह से सफाशया होना तय है। लोकतंत्र में मर्यादाओं को तार-तार करना और विरोधी नेताओं के प्रति कुंठा निकालना ही आज की नई कांग्रेस की असली पहचान बन चुकी है। दिग्विजय सिंह की 'रावण' वाली अमर्यादित भाषा पर तीखा पलटवार, नरोत्तम मिश्रा के समर्थन में उतरे प्रभारी मंत्री; पटवारी के दावों को बताया मुंगेरीलाल के हसीन सपने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा भाजपा के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा को 'रावण' का दर्जा देने और उन्हें 'अत्याचारी' बताने वाले विवादित व अभद्र बयान पर डिप्टी सीएम ने तीखी चुनौती देते हुए करारा जवाब दिया। राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि राजनीति में जीत और हार एक सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, लेकिन जब नेता अपनी भाषा की शालीनता खो बैठते हैं, तो जनता उन्हें सत्ता से बेदखल कर देती है। दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी जैसे नेताओं की यही अमर्यादित, अहंकार से भरी और अशालीन भाषा ही कांग्रेस के समूल पतन का सबसे बड़ा कारण बनी है। जनता इस तरह की घटिया बयानबाजी को कभी स्वीकार नहीं करती। वहीं, जीतू पटवारी द्वारा दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की एकतरफा और बड़ी जीत के दावों पर उपमुख्यमंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि चुनाव से पहले आसमान से तारे तोड़कर लाने का दम भरने वाली कांग्रेस का हश्र परिणाम आने के बाद क्या होता है, यह पूरा देश जानता है। कांग्रेस को मुंगेरीलाल के हसीन सपने देखने छोड़कर जमीनी हकीकत का सामना करना चाहिए। (हालांकि, इस दौरान भाजपा नेता संजय पाठक से जुड़े हाईकोर्ट के संवेदनशील मामले और दतिया में उनकी भूमिका पर प्रभारी मंत्री ने बेहद सधे हुए अंदाज में टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि इस विषय पर स्वयं संजय पाठक ही स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं)। फर्जी डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग के घोटालों पर सरकार की खुली चेतावनी: 'उफरी स्वास्थ्य केंद्र का आरोपी महेश शर्मा तो सिर्फ शुरुआत, डिजिटल सिस्टम से नपेंगे सभी जालसाज' राजनैतिक दंगल के साथ-साथ जिले की प्रशासनिक व्यवस्था और स्वास्थ्य महकमे में सेंध लगाने वाले तत्वों को भी उपमुख्यमंत्री ने इस मंच से खुली और सीधी चुनौती दी। शहडोल जिले के उफरी स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से पदस्थ कथित फर्जी डॉक्टर महेश चंद्र शर्मा के सनसनीखेज मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रभारी मंत्री ने साफ संदेश दिया कि ऐसे जालसाजों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने ऐलान किया कि आरोपी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने, सेवा समाप्ति, पूर्व में आहरित किए गए पूरे वेतन की रिकवरी (वसूली) सहित कठोरतम विभागीय व दंडात्मक कार्रवाई पूरी रफ्तार से नियमानुसार की जा रही है। व्यवस्था को चुनौती देने वाले भ्रष्टाचारियों और फर्जी डॉक्टरों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की नई और आधुनिक डिजिटल निगरानी व्यवस्था (डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम) अब इतनी चाक-चौबंद हो चुकी है कि कोई भी अपराधी बच नहीं सकता। यह डिजिटल सिस्टम ही ऐसे बड़े घोटालों और जालसाजों का लगातार पर्दाफाश कर रहा है, जिससे दोषियों को उनके सही मुकाम तक समय रहते पहुंचाया जा सके। सरकार जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले हर एक चेहरे को बेनकाब करने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।
