नारकोटिक्स एवं नशीली दवाओं के कारोबारी के विरूद्व करें कार्यवाही- कलेक्टर
Junaid Khan - शहडोल। 24 जुलाई 2026- कलेक्टर डाॅ. केदार सिंह की अध्यक्षता में नारकोटिक्स एवं अन्य नशीली दवाओं की रोकथाम एवं बेहतर समन्वय हेतु गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई है। कलेक्टर ने कहा कि जिले में नारकोटिक्स एवं नशीली दवाओं के कारोबारी के विरूद्व सख्त कार्यवाही की जाए तथा हाॅटस्पाॅट चिन्हित कर छापेमारी की कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी की प्रवृत्तियों के बारे में सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस विभाग को अवगत कराया जाएं एवं पुलिस विभाग एवं वन विभाग द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी के संभावित मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाएं। जिले में अफीम, भांग आदि की फसल की अवैध खेती की निगरानी हेतु वन विभाग, कृषि विभाग एवं पुलिस विभाग आपस में समन्वय स्थापित करते हुए कार्यवाही करें। कलेक्टर ने कहा कि स्कूलों, कॉलेजों आदि में नशीली दवाओं के दुरूपयोग विरोधी जागरूकता को बढ़ावा देने हेतु पुलिस शिक्षा विभाग एवं सामाजिक न्याय विभाग के साथ समन्वय कर ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जायें, जिससे छात्रों को नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जा सकें। कलेक्टर ने जिले में चलाएं जा रहे नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि देश एवं समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान के तहत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जाएं तथा विद्यार्थियो एवं अन्य लोगो को नशे के दुष्यपरिणामो के प्रति जागरूक करे इसके लिए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएं। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक दीवान ने एनडीपीएस एक्ट के तहत पंजीकृत प्रकरण, नशीले इंजेक्शन, स्मैक सहित अन्य कार्यवाहियों के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 01 जनवरी 2026 से 30 जून 2026 तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 21 प्रकरण दर्ज किए गए हैं जिनमें आरोपियों की संख्या 70 है जप्त मादक पदार्थों में 1229 किलोग्राम गांजा, 18 नग कफ शिरफ, 1779 इंजेक्शन, 83 ग्राम स्मैक तथा 04 दोपहिया एवं 11 चार पहिया वाहन जप्त किए गए हैं। जप्त मादक पदार्थों की कीमत 01 करोड़ 31 लाख 10 हजार 814 रूपए हैं इसी अवधि में 55 नशा मुक्त जनजागरूकता शिविर आयोजित किए गए। जिसमें 1995 व्यक्ति शामिल हुए। इन शिविरों के माध्यम से नशा से होने वाले सामाजिक शारीरिक, आर्थिक नुकशान के बारे में बताया जाकर नशे से दूर रहने की सलाह दी गई। बैठक में डीएफओ तरूणा वर्मा, उप संचालक कृषि श्री केएन यादव, डाॅ आरपी शुक्ला, उप संचालक सामाजिक न्याय सुश्री प्रज्ञा मरावी सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहें।
