आजीविका मिशन में बड़ा फर्जीवाड़ा,नियम दरकिनार कर काटे चेक

अमर ज्योति संकुल में वित्तीय अनियमितता का गंभीर आरोप, खाते होल्ड करने की मांग 


Junaid Khan - शहडोल। मध्य प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में चलाए जा रहे अभियानों पर अब भ्रष्टाचार और मनमानी का साया मंडराने लगा है। ताज़ा मामला जिले के रसमोहनी स्थित 'अमर ज्योति संकुल स्तरीय संगठन (CLF)' का है, जहाँ अध्यक्ष और सचिव पर संस्थागत नियमों और शासकीय बैठकों के निर्णयों को ठेंगा दिखाते हुए वित्तीय अनियमितता को अंजाम देने के गंभीर आरोप लगे हैं। फर्जी तरीके से चेक काटकर अपने चहेतों को लाभ पहुँचाने और पात्र हितग्राहियों के अधिकारों पर डाका डालने की इस कार्यशैली से क्षेत्र की पात्र महिलाओं व ग्रामीणों में भारी जनाक्रोश पनप रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने सीधे जिला प्रशासन की चौखट पर दस्तक देकर संकुल के बैंक खाते को तत्काल होल्ड करने तथा पूरे गठजोड़ की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जाँच कराकर दोषियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को आयोजित संकुल स्तरीय बैठक में केवल बैंक सखी, वीपीआरपी, कंप्यूटर ऑपरेटर और स्वीपर के मानदेय भुगतान पर ही सहमति बनी थी। लेकिन आरोप है कि बैठक के समाप्त होते ही अध्यक्ष पूजा साहू और सचिव दुर्गा मिश्रा ने नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए मनमाने ढंग से चेक जारी कर दिए। सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा सीए (CA) के भुगतान में सामने आया है, जहाँ बैठक में स्पष्ट निर्णय लिया गया था कि कार्य विवादित होने के कारण सीए को मानदेय नहीं दिया जाएगा। इसके बावजूद रेखा तिवारी के नाम से 35,000 रुपये का चेक काट दिया गया। इतना ही नहीं, उसी दिन कपूर सिंह के नाम 6,860 रुपये और खुद सचिव दुर्गा मिश्रा के नाम 3,500 रुपये का चेक जारी कर दिया गया। ये सभी चेक मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक रसमोहनी शाखा के खाता क्रमांक 202301030090873 से जारी हुए हैं, जिन पर अध्यक्ष पूजा साहू और सचिव दुर्गा मिश्रा के बाकायदा हस्ताक्षर हैं। ग्रामीणों का सीधे तौर पर कहना है कि जब से पूजा साहू और दुर्गा मिश्रा ने संकुल की कमान संभाली है, तब से हर बैठक विवादों के घेरे में रहती है। किसी अन्य व्यक्ति के किए गए कार्य का भुगतान किसी और के नाम पर चढ़ाया जा रहा है, जिससे वास्तविक हितग्राही दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

इनका कहना है: 

दो दिन पहले ही मेरे पास इस पूरे गड़बड़झाले और फर्जीवाड़े की लिखित शिकायत आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित बैंक खातों से भुगतान पर तत्काल रोक लगाई जा रही है। कुछ महिलाओं के साथ पक्षपात और वित्तीय नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई है, जिसकी निष्पक्ष जाँच कराई जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

अजय सिंह, प्रबंधक (मध्य प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन)

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