संस्कारों की अनूठी मिसाल,नई पीढ़ी को जड़ों से जोड़ रहा स्कूल प्रबंधन

संस्कारों की अनूठी मिसाल,नई पीढ़ी को जड़ों से जोड़ रहा स्कूल प्रबंधन


Junaid Khan - शहडोल। आधुनिकता की चकाचौंध के बीच आज जहां युवा पीढ़ी अपनी गौरवशाली संस्कृति से दूर होती जा रही है, वहीं स्थानीय शिक्षण संस्थान शांति देवी मेमोरियल पब्लिक स्कूल ने संस्कारों की एक अनूठी और अनुकरणीय मिसाल पेश की है। विद्यालय परिसर में भगवान श्री जगन्नाथ रथ यात्रा का पावन पर्व जिस अपूर्व श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया, उसने न केवल बच्चों के मन में अध्यात्म का बीजारोपण किया, बल्कि पूरे क्षेत्र को भक्तिमय कर दिया। स्थानीय जिला प्रशासन और प्रबुद्ध समाज ने विद्यालय की इस अनूठी पहल की मुक्त कंठ से सराहना की है। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ बच्चों को ऐसे नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है, जिसे यह स्कूल बखूबी निभा रहा है। सांस्कृतिक चेतना का शंखनाद, झूम उठे नौनिहाल उत्सव के दौरान विद्यालय प्रांगण एक अलौकिक आध्यात्मिक केंद्र में तब्दील हो गया। एक विशेष प्रार्थना सभा के साथ शुरू हुए इस भव्य आयोजन में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भगवान जगन्नाथ की महिमा और उनकी लीलाओं पर आधारित अत्यंत मनमोहक रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। सुमधुर भक्ति गीतों और भजनों की धुनों पर थिरकते बच्चों की अनूठी प्रतिभा और अटूट भक्ति ने संपूर्ण वातावरण में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर दिया। इस दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों को रथ यात्रा के पौराणिक, धार्मिक और सामाजिक महत्व से बेहद सरल और रोचक तरीके से परिचित कराया, जो बच्चों के मानसिक व चारित्रिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा। समरसता और मानव सेवा का मिला पावन संदेश इस गरिमामयी अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए विद्यालय के डायरेक्टर राजन शर्मा और मैनेजर श्रीमती मोनिका तिवारी ने संयुक्त रूप से कहा कि भगवान जगन्नाथ की यह विश्वप्रसिद्ध रथ यात्रा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, निस्वार्थ सेवा और लोककल्याण का अनुपम प्रतीक है। वहीं विद्यालय की प्राचार्या सुश्री शुभांगी श्रीवास्तव ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा हमें आपसी प्रेम, समानता, सहयोग, अटूट अनुशासन और मानव सेवा का पावन संदेश देती है। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे इन महान आदर्शों को केवल सुनें ही नहीं, बल्कि अपने दैनिक जीवन में उतारकर एक जिम्मेदार और आदर्श नागरिक बनने का संकल्प लें। बेहद व्यवस्थित और सफल संचालन के साथ आयोजित हुए इस कार्यक्रम में विद्यालय परिवार के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ अपनी सहभागिता दर्ज कराई। कार्यक्रम का समापन भगवान जगन्नाथ के गगनभेदी जयघोष, आरती और महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ, जिसने आयोजन में चार चांद लगा दिए।

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