खाकी का कड़ा संदेश,नवागत एसपी की बड़ी कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप, जनता के सम्मान से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त

सिंघम अवतार में नवागत एसपी,अनुशासनहीनता और दुर्व्यवहार पर गिरी गाज, जैतपुर व ब्योहारी के दो पुलिसकर्मी तत्काल प्रभाव से निलंबित 


Junaid Khan - शहडोल। जिले में पदभार ग्रहण करते ही नवागत पुलिस अधीक्षक (भा.पु.से.) डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने खाकी के रसूख में चूर कर्मचारियों को साफ और सख्त संदेश दे दिया है। जिले की कमान संभालते ही उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस का काम आम जनता की सुरक्षा और सहायता करना है, न कि अपने पद के नशे में धौंस जमाना या कानून की मर्यादा लांघना। लंबे समय से कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा आम नागरिकों के साथ किए जा रहे बदसलूकी और तानाशाही रवैये की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एसपी डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने बिना किसी दबाव के जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। अनुशासनहीनता और आम जनता के साथ दुर्व्यवहार के अलग-अलग मामलों में गाज गिराते हुए नवागत एसपी ने दो पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कप्तान की इस ताबड़तोड़ और सख्त कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, वहीं वर्षों से वर्दी के अहंकार का शिकार हो रही आम जनता ने एसपी की इस निष्पक्ष कार्यप्रणाली का दिल खोलकर स्वागत किया है। कार्रवाई की जद में आए पुलिसकर्मियों में थाना जैतपुर में पदस्थ प्रधान आरक्षक (प्र.आर.) 409 रावेन्द्र वर्मा और थाना ब्योहारी में पदस्थ आरक्षक 149 रिंकू सिंह शामिल हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों ही कर्मचारी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में पदस्थापना के दौरान आम नागरिकों के साथ अमर्यादित आचरण, अकारण प्रताड़ना और अनुशासनहीनता की सीमाओं को लांघ रहे थे। थाने आने वाले पीड़ितों और आम जनता से सहयोगात्मक रवैया अपनाने के बजाय रौब गालना और मनमानी करना इनकी कार्यशैली बन चुका था। शिकायतें मिलते ही एसपी डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने विभागीय अनुशासन बनाए रखने और खाकी की साख को बट्टा लगाने वाले इन कर्मचारियों पर बिना समय गंवाए निलंबन का चाबुक चला दिया। दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ शुरू हुई इस कड़ी विभागीय कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि अब शहडोल जिले में वर्दी की आड़ में मनमानी करने वालों के दिन पूरी तरह से लद चुके हैं। नवागत पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल की इस त्वरित और निष्पक्ष कार्यशैली की चारों तरफ भूरि-भूरि प्रशंसा और सराहना हो रही है। आम नागरिकों का मानना है कि लंबे समय बाद जिले को एक ऐसा दबंग और निष्पक्ष कप्तान मिला है, जो खाकी के सम्मान से समझौता करने वाले अपनों को भी बख्शने के मूड में नहीं है। कप्तान की इस 'सर्जिकल स्ट्राइक' ने जिले के बाकी थाना प्रभारियों और पुलिसकर्मियों के पसीने छुड़ा दिए हैं। एसपी ने स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी है कि जनता से मित्रवत व्यवहार, अपराधों पर लगाम और सेवा ही पुलिस की प्राथमिकता है। यदि भविष्य में किसी भी थाने का कोई अधिकारी या कर्मचारी फरियादियों से बदसलूकी करता या भ्रष्टाचार में लिप्त पाया गया, तो उस पर इससे भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कप्तान के इस सख्त रुख से जहां लापरवाह पुलिसकर्मियों में खौफ का माहौल है, वहीं आम जनता के बीच पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास की नई किरण जगी है।

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