खाकी बेअसर,खाऊ-गैंग बेखौफ, खैरहा में पुलिस गश्ती को ठेंगा दिखाकर दो दुकानों में ताबड़तोड़ चोरी,व्यापारियों में भयंकर आक्रोश

खाकी बेअसर,खाऊ-गैंग बेखौफ, खैरहा में पुलिस गश्ती को ठेंगा दिखाकर दो दुकानों में ताबड़तोड़ चोरी,व्यापारियों में भयंकर आक्रोश 


Junaid Khan - शहडोल। खैरहा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम अर्झुला में पुलिसिया इकबाल और रात्रिकालीन गश्ती के दावों की उस वक्त हवा निकल गई, जब बेखौफ बदमाशों ने मंगली बाजार के समीप स्थित दो दुकानों को एक साथ अपना निशाना बना लिया। क्षेत्र में खाकी के कमजोर पड़ते खौफ का सीधा फायदा उठाते हुए शातिर चोरों ने न सिर्फ कानून व्यवस्था को खुलेआम चुनौती दी, बल्कि दोनों दुकानों के ताले चटकाकर लाखों का कीमती सामान पार कर दिया। पहली वारदात पीड़ित दुकानदार संचय जैन की दुकान में हुई, जो मंगली बाजार के पास किराए की दुकान लेकर रेडीमेड कपड़ों का व्यापार करते हैं। हमेशा की तरह वे बीती शाम अपनी दुकान बंद कर घर चले गए थे, लेकिन अगली सुबह अर्झुला निवासी अमित सिंह ने उन्हें फोन पर दुकान के ताले टूटे होने की खौफनाक सूचना दी। जब संचय जैन आनन-फानन में मौके पर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। दुकान का ताला टूटा पड़ा था और शटर आधा खुला हुआ था। दुकान के भीतर से चोरों ने सारे कीमती रेडीमेड कपड़े साफ कर दिए थे, जिससे पीड़ित को भारी आर्थिक चपत लगी है।

प्रशासनिक शिथिलता की पराकाष्ठा यहीं नहीं रुकी; चोरों ने इसी दुकान के ठीक बगल में स्थित कमलभान साहू की किराना दुकान को भी अपना निशाना बनाया। बदमाशों ने समान दुस्साहस दिखाते हुए कमलभान की दुकान का भी ताला तोड़ा और वहां रखे किराना के कीमती सामान पर साफ हाथ साफ कर दिया। एक ही रात में, एक ही जगह पर दो-दो बड़ी चोरियों की इस सनसनीखेज वारदात ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। अलसुबह जब इस दोहरी चोरी की खबर पूरे क्षेत्र में फैली, तो स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश भड़क उठा। सूचना मिलते ही खैरहा थाना पुलिस मौके पर तो पहुंची, लेकिन हमेशा की तरह घटना घट जाने के बाद सिर्फ लकीर पीटने की औपचारिकता पूरी की जा रही है। पुलिस ने फिलहाल पीड़ित दुकानदारों की शिकायत पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। परंतु, बड़ा सवाल यह उठता है कि जब क्षेत्र के प्रमुख बाजारों और संवेदनशील इलाकों में रात को पुलिस गश्ती का दम भरा जाता है, तो चोर इतनी तसल्ली से ताले तोड़कर सामान कैसे समेट ले गए? क्या पुलिस केवल कागजों पर गश्त कर रही है, या फिर अपराधियों को खाकी का कोई डर ही नहीं रह गया है? व्यापारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस गैंग का पर्दाफाश नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।

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