सत्ता तंत्र के अहंकार पर छात्र शक्ति का प्रहार,धनपुरी में कांग्रेस की भव्य 'विजय यात्रा

प्रशासनिक हठधर्मिता और सरकारी लापरवाही के खिलाफ गरजे कांग्रेसी, शहीद विजय चौक से आजाद चौक तक गूंजे गगनभेदी नारे 



Junaid Khan - शहडोल। मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ती प्रशासनिक लापरवाही, शासन के अड़ियल रवैये और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली जनविरोधी नीतियों के खिलाफ छिड़ी जंग में आखिरकार 'छात्र आंदोलन' ने ऐतिहासिक जीत का परचम लहरा दिया है। छात्र शक्ति के इस अभूतपूर्व संघर्ष और जन-आक्रोश के आगे सत्ता के गलियारों को घुटने टेकने पर मजबूर होना पड़ा। इस ऐतिहासिक विजय का जश्न मनाने और निरंकुश प्रशासनिक रवैये की ईंट से ईंट बजाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश कांग्रेस के निर्देश एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय अवस्थी के मार्गदर्शन में नगर कांग्रेस कमेटी धनपुरी के अध्यक्ष मोहम्मद साबिर के कुशल नेतृत्व में एक ऐतिहासिक और भव्य 'विजय यात्रा' निकाली गई। यह भव्य रैली शहीद विजय चौक से ढोल-नगाड़ों और गगनभेदी नारों के साथ प्रारंभ होकर धनपुरी नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जहां आम जनता और युवाओं ने पुष्पवर्षा कर आंदोलनकारियों का स्वागत किया। इस दौरान सरकारी तंत्र की नाकामी और भ्रष्ट नीतियों के खिलाफ कांग्रेसियों का आक्रोश साफ देखने को मिला। यह विजय यात्रा मात्र एक जुलूस नहीं, बल्कि सोए हुए प्रशासनिक तंत्र को जगाने का एक सशक्त राजनीतिक शंखनाद थी। नगर भ्रमण के दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जिस एकजुटता और ऊर्जा का परिचय दिया, उसने क्षेत्र में सत्ताधारी दल के जनविरोधी रुख की पोल खोलकर रख दी। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान सरकार और उसका प्रशासनिक अमला पूरी तरह संवेदनहीन हो चुका है, जहां जनहित और युवाओं के हक की आवाज को दबाने का हर संभव प्रयास किया जाता है। लेकिन कांग्रेस पार्टी के जुझारू कार्यकर्ताओं ने छात्रों के कंधे से कंधा मिलाकर यह साबित कर दिया कि जब-जब जनता और युवाओं पर जुल्म होगा, तब-तब कांग्रेस सड़क से लेकर संसद तक एक अभेद्य दीवार बनकर खड़ी रहेगी। शहीद विजय चौक से शुरू हुई यह आक्रोशपूर्ण विजय यात्रा धनपुरी के विभिन्न मुख्य मार्गों का भ्रमण करते हुए आजाद चौक पहुंची, जहां एक विशाल जनसभा में तब्दील होकर जोरदार नारेबाजी और उत्साह के साथ संपन्न हुई। छात्र हित की इस लड़ाई को मुकाम तक पहुंचाने और सरकार की जनविरोधी नीतियों को बेनकाब करने में स्थानीय कांग्रेस नेतृत्व व कार्यकर्ताओं का योगदान अतुलनीय रहा। इस गरिमामयी और ऐतिहासिक आयोजन में प्रमुख रूप से हनुमान खंडेलवाल, मुबारक मास्टर, राजीव शर्मा, सुजीत सिंह चंदेल, बलमीत सिंह खनूजा, नौशेरमा खान, मोहम्मद आजाद, आनन्द मोहन जायसवाल, कलाम मोहम्मद, अंकित सिंह, इबरार खान, जवाहर राव, हर्ष पाठक, ओंकार सिंह, अशोक सिंह, मोहम्मद इकबाल, अरविन्द नायक, पप्पू सिद्दीकी, जुल्फकार अली, शंकर लोधी, राजू बारी, रामेश्वर गौतम, संजीव श्रीवास्तव, सुनील सोनी, रामप्रसाद नापित, अयोध्या राव, आरसीद खान, गोपाल राव, अमजद खान बाबा, आफताब खान, वसीम खान सोमू, राजा हसन, शिवम् सिंह बघेल, इरशाद खान, हेमन्त शर्मा, आमिर सोहेल, मोहसिन खान, शेर खान, सुमित पाण्डेय, अल्ताफ राजा, टीपू सुल्तान, समीर खान, अजितेश प्रकाश, आमिर ईशा, संदीप कुशवाहा, फैसल शेख, तौसीफ ख़ान, आसिफ कव्वाल, सन्नी खान, सैफ खान, अनस मिर्जा, राशिफ़ ख़ान, बड़ा बाबू कासी विश्वकर्मा एवं अली सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसी पदाधिकारी, निष्ठावान कार्यकर्ता व प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।

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