सोहागपुर थाना के पास बाईपास पर 1 एकड़ भूमि का चयन,राजस्व विभाग के त्वरित समन्वय से जल्द शुरू होगा आधुनिक भवन का निर्माण
Junaid Khan - शहडोल। क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और करदाताओं को बेहतर प्रशासनिक माहौल प्रदान करने की दिशा में जीएसटी विभाग और जिला प्रशासन की एक अत्यंत सराहनीय व क्रांतिकारी पहल सामने आई है। लंबे समय से किराए के सीमित संसाधनों में संचालित हो रहे राज्य कर (जीएसटी) कार्यालय को अब अपना भव्य, सर्वसुविधायुक्त और स्थायी आशियाना मिलने जा रहा है। नगर के राजेंद्र टॉकीज के पास चल रहे अस्थाई कार्यालय को अब प्रशासनिक सुगमता की दृष्टि से बाईपास रोड, सोहागपुर थाना के समीप स्थानांतरित करने की योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस संबंध में विभाग की दूरगामी सोच और कार्यप्रणाली की सर्वत्र सराहना हो रही है, क्योंकि पहले आकाशवाणी के समीप भूमि आवंटित की जा रही थी, किंतु भविष्य के विस्तार और पर्याप्त स्थान की आवश्यकता को देखते हुए अधिकारियों ने व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए नए सिरे से स्थल की खोज की। सोहागपुर थाना के समीप चिन्हित लगभग 1 एकड़ की विस्तृत भूमि न केवल विभागीय गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए सर्वथा उपयुक्त है, बल्कि शहर के मुख्य बाईपास रोड से जुड़े होने के कारण यहाँ पहुँच मार्ग और भविष्य के विस्तार के लिए भी पर्याप्त संभावनाएँ हैं। प्रशासनिक तत्परता और विभिन्न विभागों के बीच बेहतरीन सामंजस्य की मिसाल पेश करते हुए इस परियोजना को रिकॉर्ड समय में अमलीजामा पहनाने की तैयारी है। भवन निर्माण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का कानूनी या तकनीकी व्यवधान न आए, इसे गंभीरता से लेते हुए जीएसटी विभाग ने राजस्व विभाग के साथ त्वरित पत्राचार किया। राजस्व प्रशासन ने भी मामले की संवेदनशीलता और जनहित को प्राथमिकता देते हुए तत्काल सीमांकन के आदेश जारी कर दिए हैं। विभागीय समन्वय और प्रतिबद्धता की जानकारी देते हुए जीएसटी विभाग के सहायक आयुक्त बी.एस. धुर्वे ने बताया कि राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन प्रक्रिया पूर्ण होते ही शासकीय भवन निर्माण का औपचारिक प्रस्ताव और आवश्यक प्राक्कलन (एस्टीमेट) शासन स्तर पर स्वीकृति हेतु भेज दिया जाएगा। अधिकारियों के इस प्रो-एक्टिव दृष्टिकोण और प्रशासनिक कार्यकुशलता की क्षेत्र के कर सलाहकारों, व्यवसायियों और आम नागरिकों द्वारा मुक्त कंठ से प्रशंसा की जा रही है। इस नए व आधुनिक प्रशासनिक भवन के बनने से न केवल राजस्व संकलन में गति आएगी, बल्कि करदाताओं को भी एक ही छत के नीचे पारदर्शी, आधुनिक और सुलभ सेवाएँ प्राप्त हो सकेंगी।
