सिंघम पुलिसिंग को मिला सम्मान,सोहागपुर थाना प्रभारी अरुण पांडेय बने डीएसपी,

अपराधियों में खौफ का दूसरा नाम रहे जांबाज अधिकारी की पदोन्नति 


Junaid Khan - शहडोल। मध्य प्रदेश पुलिस महकमे से एक बड़ी और गौरवशाली खबर सामने आ रही है। शहडोल संभाग में अपनी बेखौफ कार्यशैली और अपराधियों के मन में कानून का डर पैदा करने वाले सोहागपुर थाना प्रभारी अरुण पांडेय को उनकी उत्कृष्ट व निष्ठापूर्ण सेवाओं का इनाम मिला है। राज्य शासन द्वारा उन्हें पदोन्नत करते हुए उप पुलिस अधीक्षक (DSP) के पद पर नियुक्त किया गया है। अरुण पांडेय का शहडोल जिले सहित संभाग के कई अन्य जिलों और थानों में एक लंबा व बेदाग कार्यकाल रहा है। वर्षों के इस लंबे पत्रकारीय और प्रशासनिक सफर में उन्होंने जिस भी थाने की कमान संभाली, वहां अपराधियों की रूह कांप उठी। उनके कार्यकाल के दौरान सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि उन्होंने क्षेत्र में सक्रिय अवैध कारोबारियों, माफियाओं और नशे के सौदागरों पर ऐसी सख्त लगाम कसी, जिसकी मिसाल आज भी दी जाती है। संभाग में अवैध धंधों के खिलाफ अगर अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाइयां दर्ज हुई हैं, तो उनका सेहरा सीधे तौर पर जांबाज अधिकारी अरुण पांडेय के सिर ही सजता है।

आए दिन लगातार बड़े से बड़े अंतरराज्यीय अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजना और हर पेचीदा मामले का चंद घंटों में खुलासा करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका था। उनकी इस कड़क सिंघम स्टाइल पुलिसिंग का ही नतीजा था कि अच्छे-अच्छे शातिर अपराधी और वर्षों से पैर पसारे बैठे माफिया भी शहडोल संभाग से या तो भूमिगत हो गए या फिर उन्होंने अपराध से तौबा कर ली। अपराधियों के दिलों में खौफ का पर्याय बन चुके अरुण पांडेय के इस प्रमोशन की खबर मिलते ही पुलिस महकमे सहित आम जनता में खुशी की लहर दौड़ गई है। वर्तमान में वे सोहागपुर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और अब समूचे पुलिस प्रशासन सहित प्रबुद्ध नागरिकों ने उन्हें इस बड़ी सफलता पर ढेरों बधाइयां और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। अब देखना यह होगा कि उच्च स्तर से आने वाले आगामी सरकारी आदेश के तहत इस जांबाज अधिकारी को किस नए क्षेत्र या विंग की कमान सौंपी जाती है, लेकिन यह तय है कि वे जहां भी जाएंगे, वहां न्याय का इकबाल और अपराधियों में कानून का खौफ बुलंद रहेगा।

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