डिजिटल सुरक्षा और पारदर्शिता की दिशा में प्रशासन का ऐतिहासिक कदम,अब 'समग्र आईडी' की मनमानी एंट्री पर लगेगी लगाम

बड़ी पहल, चिह्नित कंप्यूटर और निजी समग्र नंबर से ही लॉगिन कर सकेंगे अधिकारी, गड़बड़ी करने वालों की सीधे तय होगी जवाबदेही


Junaid Khan - शहडोल। मध्य प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की रीढ़ मानी जाने वाली 'समग्र आईडी' प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने एक अत्यंत सराहनीय और युगांतकारी कदम उठाया है। अब तक चली आ रही लचर व्यवस्था को धता बताते हुए प्रशासन ने एक बेहद कड़ा और अचूक सुरक्षा कवच तैयार किया है, जिसके तहत अब किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की यूजर आईडी उनके व्यक्तिगत समग्र नंबर से ही लिंक होकर खुलेगी। इतना ही नहीं, सुरक्षा को इस कदर पुख्ता किया गया है कि ये अकाउंट्स केवल उन्हीं कंप्यूटर सिस्टम्स पर लॉग-इन हो सकेंगे जिन्हें प्रशासन द्वारा विशेष रूप से चिह्नित और रजिस्टर्ड किया गया है। पूर्व में किसी भी कंप्यूटर से यूजर आईडी खोलकर गलत या फर्जी एंट्रियां कर देने और पकड़े जाने पर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेने वाली अराजक व्यवस्था पर यह प्रशासन का अब तक का सबसे बड़ा और करारा प्रहार है। प्रशासन के इस शानदार फैसले से न केवल सरकारी योजनाओं में होने वाले फर्जीवाड़े पर पूर्ण विराम लगेगा, बल्कि जनता के डेटा के साथ होने वाली किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ के लिए सीधे तौर पर संबंधित ऑपरेटर या अधिकारी की जवाबदेही तय कर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई करना बेहद आसान हो जाएगा। प्रशासन द्वारा जनता के व्यापक हित में उठाए गए इस बेमिसाल कदम की हर स्तर पर सराहना हो रही है, जिसने सरकारी कार्यप्रणाली में ईमानदारी और जवाबदेही का एक नया अध्याय लिख दिया है। जिले में कुल 3 लाख 26 हजार 622 समग्र परिवारों और 11 लाख 30 हजार 690 सदस्यों के विशाल डेटाबेस को सुरक्षित करने का यह भगीरथ प्रयास प्रशासनिक दूरदर्शिता को दर्शाता है। हालांकि, इस बेहतरीन व्यवस्था को अमलीजामा पहनाने के लिए प्रशासन ने पहले 30 जून की समयसीमा तय की थी, जिसे अधिकारियों और सचिवों की सुविधा के मद्देनजर बढ़ाकर अब 5 जुलाई कर दिया है। इस कड़े रुख के बीच कुछ विभागों की सुस्ती भी सामने आई है, जहां व्योहारी जनपद के सीईओ और जयसिंहनगर नगर पंचायत के सीएमओ इस तकनीकी अपग्रेडेशन की दौड़ में काफी पीछे छूट गए हैं। जिले की कुल 390 ग्राम पंचायतों में से अब तक मात्र 40 पंचायतों का ही अकाउंट अपडेट होना यह संकेत देता है कि लापरवाह अधिकारियों को प्रशासन की इस सराहनीय रफ्तार के साथ तालमेल बिठाने के लिए अपनी कार्यशैली में तेजी लानी होगी, अन्यथा इस पारदर्शी युग में उनकी जवाबदेही तय होना बिल्कुल निश्चित है।

फैक्ट फाइल (जिले में समग्र की स्थिति)

कुल समग्र परिवार संख्या: 3,26,622

कुल समग्र सदस्य संख्या: 11,30,690

आधार से अपडेटेड सदस्य: 10,16,520

कुल ग्राम पंचायतें: 390 (अपडेटेड: 40) अंतिम तिथि: 5 जुलाई (बढ़ाई गई अवधि)

क्यों मील का पत्थर साबित होगी यह व्यवस्था?

बच्चों के स्कूल एडमिशन से लेकर राशन, पेंशन और तमाम सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए समग्र आईडी सबसे अनिवार्य दस्तावेज है। ऐसे में प्रशासन द्वारा लॉग-इन प्रक्रिया को पूरी तरह 'सिस्टम-बाउंड' और 'इंडिविजुअल-लिंक्ड' कर देना यह साबित करता है कि शासन और प्रशासन जनता के अधिकारों को लेकर कितना गंभीर है। यह नई व्यवस्था डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में मध्य प्रदेश के लिए एक रोल मॉडल साबित होगी।

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