विचारपुर में सरेराह वारदात,61 वर्षीय बुजुर्ग से मोबाइल झपटकर भागे बाइक सवार बदमाश,कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाकर बैंक खाता किया साफ, सुरक्षा दावों की खुली पोल
Junaid Khan - शहडोल। जिला मुख्यालय और इसके आसपास के इलाकों में कानून-व्यवस्था का इकबाल किस कदर ध्वस्त हो चुका है, इसकी एक जीती-जागती और खौफनाक तस्वीर कोतवाली थाना क्षेत्र के विचारपुर में देखने को मिली है। बदमाशों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे न सिर्फ राह चलते लोगों को निशाना बना रहे हैं, बल्कि पुलिस की मुस्तैदी को ठेंगा दिखाकर 'डिजिटल डकैती' को भी अंजाम दे रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर 07 पाली रोड के निवासी 61 वर्षीय बुजुर्ग लक्ष्मी प्रसाद बर्मन गत 9 जुलाई की रात करीब 8:30 बजे विचारपुर में अपने बेटे की दुकान बंद कराकर पैदल घर लौट रहे थे। इसी दौरान, घटहाई तालाब की मेड़ के पास पहले से घात लगाए खड़े एक शातिर युवक ने उनके हाथ पर झपट्टा मारकर मोबाइल छीन लिया। जब तक पीड़ित संभल पाते, तब तक कुछ ही दूरी पर बाइक स्टार्ट कर तैयार खड़ा उसका दूसरा साथी उसे लेकर रफूचक्कर हो गया। यह पूरी वारदात पुलिस के उन दावों की धज्जियां उड़ाती है, जिसमें रात के समय सघन गश्त और नागरिक सुरक्षा की कसमें खाई जाती हैं। अंधेरे का फायदा उठाकर सरेराह हुई इस वारदात ने पूरे इलाके के व्यापारियों और आम नागरिकों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
पुलिसिया गश्त पर गंभीर सवाल,डिजिटल सुरक्षा पर भी मंडराया खतरा
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला और प्रशासन को सीधी चुनौती देने वाला पहलू यह है कि मोबाइल लूटने के तुरंत बाद बदमाशों ने तकनीकी सेंधमारी करते हुए पीड़ित के यूपीआई (UPI) अकाउंट को हैक कर लिया। बदमाशों ने पलक झपकते ही बुजुर्ग के बैंक खाते से 18 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिए। यह घटना यह साबित करने के लिए काफी है कि क्षेत्र में सक्रिय झपटमार गिरोह अब सिर्फ जेबकतरे नहीं रहे, बल्कि हाईटेक अपराधों में भी माहिर हो चुके हैं। पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना तो शुरू कर दी है और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालने का पारंपरिक दावा भी किया जा रहा है, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस का खौफ अपराधियों के जहन से पूरी तरह खत्म हो चुका है? एक बुजुर्ग नागरिक के साथ हुई इस सरेराह लूट और डिजिटल ठगी ने स्थानीय प्रशासन और पुलिसिंग की पोल खोल कर रख दी है। यदि समय रहते इन बेखौफ बदमाशों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो आम जनता का पुलिसिया सुरक्षा तंत्र से भरोसा उठना तय है।
