विश्वविद्यालय में हो रही समस्याओं को लेकर कुलसचिव सौंपा ज्ञापन

विश्वविद्यालय में हो रही समस्याओं को लेकर कुलसचिव सौंपा ज्ञापन


Junaid Khan - शहडोल। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् विश्व के सबसे बड़े छात्र संगठनों में से एक होने के नाते सदैव छात्रहित, राष्ट्रहित एवं समाजहित के विषयों को प्रमुखता से उठाता रहा है। इसी क्रम में पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय, शहडोल के विद्यार्थियों को वर्तमान में हो रही विभिन्न शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं मूलभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याओं के निराकरण हेतु निम्नलिखित मांगें आपके समक्ष प्रस्तुत की जा रही हैं। 1.वार्षिक कैलेंडर जारी करने के संबंध में विश्वविद्यालय का नवीन शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो चुका है, किंतु अभी तक विश्वविद्यालय का वार्षिक कैलेंडर जारी नहीं किया गया है। अतः तत्काल वार्षिक कैलेंडर जारी किया जाए, जिससे विद्यार्थियों को आगामी शैक्षणिक एवं विश्वविद्यालयीन गतिविधियों की समयबद्ध जानकारी प्राप्त हो सके 2.निर्माण एवं मरम्मत कार्यों में पारदर्शिता शहडोल स्थित विश्वविद्यालय परिसर के खेल मैदान के चारों ओर बाउंड्री वॉल की ऊँचाई बढ़ाने तथा पुराने भवन के रिनोवेशन का कार्य बिना स्पष्ट निविदा प्रक्रिया के कराए जाने की जानकारी सामने आई है। अतः उक्त कार्यों की प्रक्रिया, कार्यादेश, संबंधित एजेंसी एवं व्यय का विवरण सार्वजनिक किया जाए तथा नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। 3.कृषि विभाग में विभागाध्यक्ष एवं शैक्षणिक व्यवस्था कृषि विभाग के विभागाध्यक्ष के संबंध में उचित निर्णय लेते हुए विषय से संबंधित योग्य प्राध्यापक को विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जाए। साथ ही नियमित कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित करते हुए लंबित परीक्षा परिणाम एवं अंकसूचियाँ शीघ्र उपलब्ध कराई जाएँ। 4.फीस एवं परीक्षा फॉर्म संबंधी समस्या पीजी प्रथम सेमेस्टर में विद्यार्थियों के समबल/सम्बद्ध कार्ड को स्वीकार किए जाने के बावजूद द्वितीय सेमेस्टर में उसे अस्वीकार कर दोनों सेमेस्टर की फीस एक साथ परीक्षा फॉर्म के साथ जमा कराई जा रही है। इस संबंध में उचित निर्णय लेते हुए विद्यार्थियों को राहत प्रदान की जाए। परीक्षा फॉर्म भरने की व्यवस्था ट्यूशन फीस जमा किए बिना भी की जाए तथा ट्यूशन फीस बाद में जमा करने की सुविधा प्रदान की जाए। 5.परीक्षा परिणाम में पारदर्शिता

RTI के माध्यम से मांगे जाने पर परीक्षा परिणाम की प्रति उपलब्ध कराई जाए तथा अंकतालिका/परिणाम में Theory (T) एवं Internal (I) के अंक स्पष्ट रूप से दर्शाए जाएँ, ताकि विद्यार्थी यह जान सके कि वह थ्योरी अथवा आंतरिक मूल्यांकन में किस आधार पर उत्तीर्ण/अनुत्तीर्ण हुआ है। 6.PM-USHA योजना के कार्यों की समीक्षा PM-USHA (प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान) के अंतर्गत विद्यार्थियों की सुविधा एवं उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हेतु विभिन्न गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। किंतु विद्यार्थियों की शिकायत है कि कुछ गतिविधियाँ केवल औपचारिकता तक सीमित रह गई हैं। अतः अब तक आयोजित सेमिनार, कार्यशालाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों की निष्पक्ष समीक्षा/जाँच कराई जाए तथा अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार संबंधित उत्तरदायियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। 7.कृषि विभाग में प्रयोगशाला एवं संसाधन

कृषि विभाग में विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त प्रयोगशाला, आवश्यक उपकरण एवं अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाए। यदि पर्याप्त प्रयोगशाला एवं संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जा सकते हैं तो विद्यार्थियों से ली जा रही कृषि संबंधी फीस की समीक्षा कर उसमें उचित कमी की जाए तथा कृषि विभाग के लिए आवश्यक भूमि का आवंटन किया जाए। 8.परीक्षा फॉर्म की तिथि बढ़ाई जाए द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 15 अगस्त निर्धारित की गई थी, किंतु अनेक विद्यार्थियों को समय पर इसकी जानकारी नहीं मिल सकी। अतः विद्यार्थियों के हित में परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि में पर्याप्त वृद्धि की जाए। 9.लंबित परीक्षा परिणाम शीघ्र घोषित किए जाएँ। प्रथम एवं चतुर्थ वर्ष की परीक्षाएँ संपन्न हुए लगभग दो माह बीत चुके हैं, किंतु अभी तक परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किए गए हैं। अतः लंबित परिणाम तत्काल घोषित किए जाएँ। 10.विश्वविद्यालय बसों की संख्या बढ़ाई जाए विश्वविद्यालय में लगभग 10,000 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं तथा विद्यार्थियों से बस सुविधा के लिए शुल्क लिया जाता है। अतः विद्यार्थियों की संख्या एवं आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय की बसों की संख्या में वृद्धि की जाए। 11.नियमित कक्षाओं का संचालन एवं समय-सारणी विश्वविद्यालय में पर्याप्त संख्या में प्राध्यापक उपलब्ध होने के बावजूद नियमित कक्षाओं का संचालन सुचारु रूप से नहीं हो रहा है। अतः सभी विभागों में नियमित कक्षाएँ सुनिश्चित की जाएँ तथा प्रत्येक कक्षा की समय-सारणी प्राध्यापकों के नाम एवं संपर्क नंबर सहित सार्वजनिक की जाए। 12,नवलपुर परिसर में खेल सुविधाएँ। नवलपुर परिसर में विद्यार्थियों के लिए इनडोर एवं आउटडोर खेलों की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। आवश्यक खेल सामग्री उपलब्ध कराने के साथ खेल मैदानों का उचित विकास किया जाए। 13.छात्रावास भवन का जीर्णोद्धार कार्यकारी परिषद् की बैठक में पुराने छात्रावास भवन के जीर्णोद्धार हेतु राशि स्वीकृत/आवंटित किए जाने के बावजूद अभी तक अपेक्षित कार्यवाही नहीं हुई है। अतः छात्रहित को ध्यान में रखते हुए जीर्णोद्धार का कार्य तत्काल प्रारंभ किया जाए। 14.वर्ष 2024 की लंबित अंकसूचियाँ उपलब्ध कराई जाएँ। विश्वविद्यालय द्वारा कई बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद वर्ष 2024 की अंकसूचियाँ विद्यार्थियों को उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। अतः लंबित अंकसूचियाँ तत्काल विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाएँ। 15.चिकित्सा सुविधा एवं एम्बुलेंस की व्यवस्था विश्वविद्यालय के दोनों परिसरों में विद्यार्थियों के लिए प्राथमिक चिकित्सा/मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई जाए तथा आपातकालीन परिस्थितियों के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। 16.CCTV एवं निःशुल्क Wi-Fi सुविधा विश्वविद्यालय के दोनों परिसरों के मुख्य द्वारों सहित आवश्यक स्थानों पर CCTV कैमरे लगाए जाएँ। शहडोल परिसर में सुरक्षा की दृष्टि से पर्याप्त CCTV व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा दोनों परिसरों में विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क Wi-Fi सुविधा प्रारंभ की जाए। 17.पुस्तकालय एवं ई-लाइब्रेरी की सुविधा। विश्वविद्यालय के दोनों परिसरों की लाइब्रेरी में NEP के अनुरूप आवश्यक एवं अद्यतन पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएँ तथा ई-लाइब्रेरी की सुविधा सुचारु रूप से प्रारंभ एवं संचालित की जाए। 18.स्वच्छ पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्था दोनों परिसरों में विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। आवश्यकतानुसार वाटर कूलर लगाए जाएँ तथा कक्षाओं, परिसर एवं वॉशरूम की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। 19.पुराने परिसर में कैंटीन की व्यवस्था विश्वविद्यालय के पुराने परिसर में विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गुणवत्तापूर्ण एवं उचित दर वाली कैंटीन शीघ्र स्थापित की जाए। 20.कंप्यूटर लैब एवं प्रायोगिक सामग्री दोनों परिसरों में विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त एवं आधुनिक कंप्यूटर लैब की व्यवस्था की जाए। विभिन्न विषयों के प्रायोगिक कार्यों के लिए आवश्यक उपकरण, प्रयोगशाला सामग्री एवं रासायनिक सामग्री उपलब्ध कराई जाए। 21.शहडोल परिसर की क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत। शहडोल परिसर में सड़क की स्थिति अत्यंत खराब एवं क्षतिग्रस्त है। विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय कर्मचारियों की सुविधा तथा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़क का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण मरम्मत,पुनर्निर्माण कराया जाएगा। उपरोक्त सभी बिंदुओं को छात्रहित से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय मानते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इन पर समयबद्ध एवं ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही की गई कार्रवाई से विद्यार्थी परिषद् एवं विद्यार्थियों को अवगत कराया जाए, जिससे विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक पारदर्शिता एवं विद्यार्थियों की मूलभूत सुविधाओं में अपेक्षित सुधार हो सके। ज्ञापन देते समय जिला संगठन मंत्री कुणाल निखाड़े, जिला संयोजक अमन त्रिपाठी, विभाग संयोजक अखिलेश सिंह, आकाश मिश्रा, अमन तिवारी, विक्रांत शर्मा, अर्पिता मिश्रा परिषद के कार्यकर्ता एवं विश्वविद्यालय के छात्र उपस्थित थे।

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