कुपोषित बच्चों को पुनः कुपोषण की श्रेणी में जाने से रोकने, शत-प्रतिशत नामांकन एवं उपस्थिति सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
Junaid Khan - शहडोल। 20 अगस्त 2026 कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता ने कलेक्टर कार्यालय शहडोल के विराट सभागार में जिले की स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, स्वरोजगार, कृषि, मत्स्यपालन, पशुपालन, शिक्षा, सर्व शिक्षा अभियान, महिला एवं बाल विकास विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, जल जीवन मिशन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने निर्देशित किया कि हाई रिस्क गर्भवती माताओं का प्रसव जिला चिकित्सालय में ही कराया जाए, ताकि प्रसव के दौरान आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं एवं विशेषज्ञ सेवाएं समय पर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि एएनसी पंजीयन अनिवार्य रूप से किया जाए। साथ ही गर्भवती माताओं की गृह भेंट आधारित देखभाल सुनिश्चित की जाए। शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करें। 70 वर्ष से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड जल्दी पूरा किया जाए। उन्होंने सेम, मेम एवं कम वजन वाले बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र (एनआरसी) में उपचार के बाद लगातार निगरानी में रखने तथा यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि उपचार के उपरांत बच्चे दोबारा कुपोषण की श्रेणी में न जाएं। सुपरवाईजर नियमित रूप से भ्रमण करें तथा उनके भ्रमण की ट्रैकिंग व्यवस्था बनाएं। सीडीपीओ तथा डीपीओ भी आंगनवाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण करें।
शालाओं में शत-प्रतिशत नामांकन और उपस्थिति पर जोर
कमिश्नर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शालाओं में अभी तक नामांकित नहीं हुए बच्चों का चिन्हांकन कर उनका शीघ्र नामांकन कराया जाए। सभी बच्चों को पाठ्य पुस्तकों का वितरण सुनिश्चित करने के साथ शालाओं में शत-प्रतिशत विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए शेष बचे लगभग 40 हजार निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान को प्रभावी बनाने के लिए मैदानी स्तर पर सतत निगरानी एवं जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए।
स्वरोजगार योजनाओं के लक्ष्य समय-सीमा में पूर्ण करें
कमिश्नर ने स्वरोजगार एवं हितग्राहीमूलक योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को उद्यम क्रान्ति योजना, बिरसा मुंडा योजना, टंट्या भील योजना तथा एनआरएलएम सहित विभिन्न योजनाओं के छह माह के निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने तथा लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने पर जोर दिया। उन्होंने अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत पात्र व्यक्तियों को नियमानुसार राहत राशि का वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। वनाधिकार दावों का शीघ्र निराकरण करें कमिश्नर ने वनाधिकार अधिनियम के अंतर्गत शेष बचे प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का शीघ्रता से निराकरण (डिस्पोजल) करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को उनके अधिकारों का लाभ समय पर मिलना सुनिश्चित किया जाए। सक्षम आंगनवाड़ियों में बिजली कनेक्शन देने के निर्देश। उन्होंने सक्षम आंगनवाड़ी केन्द्रों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जहां बिजली कनेक्शन शेष हैं, वहां शीघ्र बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही शासन द्वारा सक्षम आंगनवाड़ियों के माध्यम से दी जा रही सुविधाओं का लाभ बच्चों को प्रभावी रूप से मिले, यह भी सुनिश्चित किया जाए। कमिश्नर ने व्हीबी जीरामजी आवास योजना एवं जनमन योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करने तथा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने में किसी प्रकार की लापरवाही न हो तथा मैदानी स्तर पर योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए। बैठक में कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत लाभान्वित हितग्राहियों की गतिविधिवार जानकारी तैयार करने, सभी विभागों को 06 माह के लक्ष्य की प्राप्ति करने तथा स्वरोजगार योजनाओं में पात्र व्यक्तियों के प्रकरण तैयार कर बैंकों से वितरित कराने के निर्देश दिए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, अपर कलेक्टर श्रीमती मिनिषा पाण्डेय, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती अन्तोनिया एक्का, श्री भागीरथी लहरे सहित विभिन्न विभागों के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
