कलेक्टर की चौखट पर पहुंची आजीविका मिशन की स्वावलंबी महिलाएं,उच्च स्तरीय कार्रवाई और स्थानांतरण की उठाई आवाज
Junaid Khan - शहडोल। ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत क्षेत्र को आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में ले जा रही महिला स्व-सहायता समूहों की कार्यकर्ताओं ने नोडल अधिकारी पूजा दीक्षित के कथित अभद्र, अमानवीय व्यवहार और धमकियों के खिलाफ निर्णायक मोर्चा खोल दिया है। अपने अधिकारों और स्वाभिमान की रक्षा के लिए लामबंद हुई इन कर्मठ महिलाओं ने सीधे जिला कलेक्टर से मुलाकात कर नोडल अधिकारी के खिलाफ गंभीर विभागीय जांच और सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। महिलाओं का स्पष्ट कहना है कि शासन की जनकल्याणकारी मंशा को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए वे दिन-रात मेहनत कर रही हैं, लेकिन नोडल अधिकारी का अड़ियल और प्रताड़ित करने वाला रवैया उनकी राह में सबसे बड़ा रोड़ा बना हुआ है। ज्ञापन में बताया गया कि जब भी कोई सदस्य अपनी वाजिब समस्याएं रखने की कोशिश करती है या गलत बातों का विरोध करती है, तो उसे विभागीय कार्रवाई और पद से हटाने की धमकियां देकर चुप कराने का प्रयास किया जाता है।
आत्मनिर्भरता के मिशन पर मंडरा रहा भय का साया, प्रशासन सख्त कार्रवाई की तैयारी में
महिला समूह के प्रतिनिधियों ने चिंता जाहिर की कि राष्ट्रीय आजीविका मिशन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को सशक्त, आत्मनिर्भर और शासन की योजनाओं से जोड़ना है। परंतु, यदि जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारी ही मानसिक दबाव, गाली-गलौज और असंसदीय भाषा का प्रयोग करेंगे, तो इस महत्वाकांक्षी योजना की मूल भावना ही आहत होगी। महिलाओं ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि नोडल अधिकारी के पति भी विभागीय पद पर कार्यरत हैं, जिसके प्रभाव का डर दिखाकर सदस्यों पर अनैतिक दबाव बनाया जाता है। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रबंधक अजय सिंह ने बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि शिकायत उनके संज्ञान में आ चुकी है। प्रशासन ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और निष्पक्ष जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आते ही दोषियों पर नियमानुसार कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, ताकि आजीविका मिशन में कार्यरत महिलाओं का विश्वास प्रशासन पर कायम रहे और वे निर्भीक होकर कार्य कर सकें।
