युवाओं की आवाज़ बना 'छात्रों की गूंज'कार्यक्रम,प्रशासनिक मुस्तैदी और कांग्रेस की पहल को मिली सराहना

मौलाना आजाद स्कूल में उमड़ा छात्रों का सैलाब, राहुल गांधी का लाइव संबोधन सुन गूंजा परिसर 



Junaid Khan - शहडोल। मध्य प्रदेश के शाहडोल जिले में विगत 8 अगस्त को मौलाना आजाद स्कूल परिसर में भारतीय युवा कांग्रेस द्वारा आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम ऐतिहासिक सफलता के साथ संपन्न हुआ। देश के नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी द्वारा प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) से दिए गए ओजस्वी संबोधन का सीधा प्रसारण डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से पूरे देश के साथ-साथ शाहडोल में भी व्यापक स्तर पर देखा व सुना गया। जिले के सुदूर क्षेत्रों से पहुंचे हजारों छात्रों की अनुशासित एवं उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने इस आयोजन को भव्य रूप प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान शांति, सुरक्षा और सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन और नगर निगम की मुस्तैदी बेहद सराहनीय रही, जिसकी बदौलत इतने बड़े स्तर का छात्र समागम बिना किसी व्यवधान के सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस वृहद आयोजन को सफल बनाने में कांग्रेस पार्टी और युवा कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की दूरदर्शी सोच और संगठनात्मक कुशलता स्पष्ट नजर आई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी की विशेष उपस्थिति तथा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नरेंद्र मरावी के मार्गदर्शन में कार्यक्रम को नई दिशा मिली। वहीं, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनुपम गौतम और युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव अभिषेक शुक्ला की अगुवाई में युवाओं को एकजुट करने की यह पहल राजनीतिक हलकों में खासी चर्चा का विषय बनी हुई है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं युवा नेताओं की इस सकारात्मक कार्यशैली ने यह साबित कर दिया है कि जब नेतृत्व दूरदृष्टि और ऊर्जा के साथ मैदान में उतरता है, तो युवाओं को अपनी बात रखने का सशक्त मंच मिलता है। छात्र कल्याण और शैक्षणिक मुद्दों पर ऐसी रचनात्मक पहल करने के लिए स्थानीय प्रबुद्ध वर्ग और छात्र समुदाय ने आयोजकों के इस प्रयास को मुक्तकंठ से सराहा है। कार्यक्रम के दौरान मंच पर विधानसभा जयसिंहनगर अध्यक्ष शेख साजिल, निशांत जोशी, शेख आबिद, प्रभात शुक्ला, सोनू चौबे, एजाज खान, मुशरान खान, सत्यम, सुहैल, आशु चौधरी सहित कई प्रमुख युवा नेता मुस्तैदी से डटे रहे। राहुल गांधी के संबोधन में समाहित युवाओं के अधिकार, रोजगार और उज्ज्वल भविष्य के संदेश को छात्रों ने पूरी गंभीरता के साथ सुना। स्थानीय जिला प्रशासन और पुलिस तंत्र द्वारा कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्था के जो मानक स्थापित किए गए, वह प्रशासनिक दक्षता का एक बेहतरीन उदाहरण बने। एक ओर जहां नेताओं की दूरगामी सोच ने युवाओं को वैचारिक रूप से समृद्ध किया, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारियों के बेहतर समन्वय ने आयोजन को एक मिसाल बना दिया। इस तरह के आयोजनों से जिले में लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती मिलने के साथ-साथ युवाओं में राष्ट्र निर्माण के प्रति एक नया विश्वास और ऊर्जा का संचार हुआ है।

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