बारिश से पहले मरहम-पट्टी भूल सोता रहा स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन, मेल मेडिकल वार्ड की दीवारें भी जर्जर; जिम्मेदार सिविल सर्जन और सीएमएचओ मौन
Junaid Khan - शहडोल। जिले के सबसे बड़े शासकीय स्वास्थ्य केंद्र यानी जिला चिकित्सालय में प्रशासनिक दावों और स्वास्थ्य विभाग की पोल मानसून की शुरुआती बारिश ने ही खोलकर रख दी है। मुख्य भवन की खस्ताहाल इमारत और जिम्मेदार अधिकारियों की घोर लापरवाही के कारण अब अस्पताल में भर्ती मरीजों की जान पर बन आई है। आलम यह है कि जिला चिकित्सालय के आर्थो वार्ड में छत से लगातार पानी टपक रहा है, जिससे वार्ड में भर्ती गंभीर मरीज और उनके अटेंडेंट (परिजन) खौफ और नारकीय स्थितियों के बीच समय काटने को मजबूर हैं। बारिश के मौसम से ठीक पहले भवनों की आवश्यक मरम्मत और वॉटरप्रूफिंग कराने का नियम है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रबंधन की अनदेखी का नतीजा अब असहाय मरीज भुगत रहे हैं। स्थिति केवल आर्थो वार्ड तक ही सीमित नहीं है, बल्कि मेल मेडिकल वार्ड में भी छत और दीवारों से भारी पानी का रिसाव (सीपेज) हो रहा है। दीवारों में आई सीलन के कारण पूरे वार्ड का माहौल दुर्गंधयुक्त और स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद अस्वास्थ्यकर हो गया है। भर्ती मरीजों के परिजनों ने भारी आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि तेज बारिश के दौरान बेड तक पानी पहुंच जाता है, जिससे मरीजों को हटाना पड़ता है। जानकारों का कहना है कि जिला अस्पताल की भवन संरचना काफी पुरानी हो चुकी है और इसके नियमित रखरखाव व समय-समय पर मरम्मत की सख्त आवश्यकता है। इसके बावजूद, सिविल सर्जन, सीएमएचओ और पीडब्ल्यूडी (भवन निर्माण शाखा) के जिम्मेदार अधिकारी एसी कमरों में बैठकर इस गंभीर समस्या से आंखें मूंदे हुए हैं। अस्पताल की इस बदहाली के खिलाफ अब स्थानीय नागरिकों और मरीजों के परिजनों ने मोर्चा खोल दिया है। जागरूक जनता का कहना है कि एक तरफ सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर करोड़ों रुपये के बजट का ढिंढोरा पीटती है, वहीं दूसरी तरफ जिला मुख्यालय के मुख्य अस्पताल में टपकती छतों के नीचे इलाज कराने की मजबूरी प्रशासन की नाकामी को उजागर करती है। परिजनों ने मांग की है कि बजट डकारने वाले और मानसून पूर्व रखरखाव न कराने वाले जिम्मेदार प्रशासनिक व स्वास्थ्य अधिकारियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। यदि जल्द ही छतों व नालियों की मरम्मत कराकर मरीजों को राहत नहीं दी गई, तो जनता अस्पताल परिसर में ही उग्र प्रदर्शन करने को बाध्य होगी।
