एसपी की सख्त हिदायत,ढर्रे पर चले थाने तो खैर नहीं, लंबित मामलों पर पुलिस कप्तान का कड़ा रुख

माह से ज्यादा पेंडिंग फाइलें देख भड़के एसपी डॉ. संजय कुमार अग्रवाल, लापरवाह अफसरों और थाना प्रभारियों को दी सख्त चेतावनी


Junaid Khan - शहडोल। जिले की कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने और अपराधों पर अंकुश लगाने के मकसद से पुलिस प्रशासन और प्रदेश सरकार की अपराध मुक्त नीति के तहत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने सख्त तेवर दिखाते हुए जिले के समस्त राजपत्रित पुलिस अधिकारियों, थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों की बैठक ली। समीक्षा के दौरान जैसे ही 03 माह से अधिक अवधि से लंबित साधारण व गंभीर मामलों की फाइलें सामने आईं, एसपी ने गहरी नाराजगी जताई और स्पष्ट कर दिया कि कर्तव्य में लापरवाही और ढिलाई बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। बैठक में गुम इंसान, नाबालिग बालिकाओं के लापता होने से जुड़े संवेदनशील प्रकरणों और 60 दिनों से अधिक समय से पेंडिंग एससी/एसटी एक्ट के मामलों की गहन जांच-पड़ताल की गई। एसपी ने दोटूक शब्दों में कहा कि थानों में फाइलों को अटका कर रखने का पुराना रवैया अब नहीं चलेगा और जो भी अधिकारी विवेचना में देरी करेंगे, उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है।

लापरवाही पर नकेल, ऑनलाइन पोर्टल और चालान में तेजी के कड़े निर्देश

समीक्षा बैठक के दौरान सड़क हादसों से संबंधित मामलों में पीड़ित परिवारों को राहत दिलाने वाली 'सोलेशियम फंड योजना' के लंबित प्रकरणों, लंबित मर्ग मामलों और 03 माह से अधिक पुराने चालानों पर एसपी ने जिम्मेदार अधिकारियों की जमकर क्लास ली। प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियों के साथ-साथ सीएम हेल्पलाइन और थानों में संचालित विभिन्न ऑनलाइन पोर्टल पर पेंडिंग शिकायतों की स्थिति देखकर एसपी ने कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में देरी शासन और पुलिस की साख को बट्टा लगाती है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि थानों में आने वाले फरियादियों की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर होनी चाहिए, न कि फाइलों को धूल फांकने के लिए छोड़ दिया जाए। जो थाना प्रभारी या विवेचक मामले को बेवजह टालते पाए गए, उनकी जवाबदेही तय करते हुए विभागीय स्तर पर शिकंजा कसा जाएगा।

महिला सुरक्षा और गंभीर अपराधों पर त्वरित एक्शन का अल्टीमेटम 

पुलिस कप्तान डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को दोटूक निर्देश जारी किए हैं कि महिला एवं बालिका संबंधी अपराधों, गुम इंसान प्रकरणों और गंभीर आपराधिक वारदातों में बिना किसी दबाव या ढिलाई के नियमानुसार त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट हिदायत दी है कि मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना अब सीधे तौर पर कार्य के प्रति घोर लापरवाही माना जाएगा। एसपी के इस कड़े रुख से जहां निष्क्रिय और ढीले-ढाले काम करने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है, वहीं आम जनता में न्याय और कानून-व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। सख्त मॉनिटरिंग और जीरो टॉलरेंस की इस नीति से स्पष्ट है कि जिले में अब अपराध और लापरवाही, दोनों पर एक साथ सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी है।

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