सरकारी जमीन हड़पने के खेल पर पर्दा डालने में जुटे अफसर,कमिश्नर के आदेश को भी दबाया

सजग जनता ने खोली घपले की पोल,राज्यमार्ग-57 में वन भूमि का मुआवजा डकारने की साजिश पर जांच प्रतिवेदन गायब


Junaid Khan - शहडोल। मध्य प्रदेश शासन वन विभाग की बेशकीमती जमीनों पर भू-माफिया और भ्रष्ट तंत्र की गिद्ध दृष्टि किस कदर जमी हुई है, इसका जीता-जागता प्रमाण संभागीय मुख्यालय में देखने को मिल रहा है। मुख्य मार्ग से लगी करोड़ों की सरकारी वन भूमि को कूटरचना के जरिए खुर्द-बुर्द करने की गहरी साजिश रची गई है। सबसे गंभीर पहलू यह है कि इस पूरे मामले में संभागायुक्त (कमिश्नर) द्वारा जांच के स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी कुंडली मारकर बैठ गए हैं और तय समय सीमा बीतने के बाद भी जांच प्रतिवेदन दबाकर फाइलों में धूल फांक रहा है। आला अधिकारियों की इस संदिग्ध खामोशी और प्रतिवेदन न भेजने की कार्यप्रणाली पर अब जागरूक नागरिकों ने सीधा मोर्चा खोलते हुए कमिश्नर शहडोल के समक्ष 14 अगस्त को पुनः औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, जिससे पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। जागरूक शिकायतकर्ता ने प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे इस बड़े भूमि घोटाले की परतें उधेड़ते हुए दस्तावेजों के साथ खुलासा किया है। मध्यप्रदेश राजपत्र भोपाल द्वारा दिनांक 19 जून 2026 को भाग एक, पृष्ठ 3337 में बकायदा सार्वजनिक सूचना प्रकाशित कर राज्यमार्ग क्रमांक 57 टेटका मोड़ से शहडोल मार्ग निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसी अधिसूचना की आड़ में सुनियोजित तरीके से सरकारी वन भूमि को निजी बताकर शासन के खजाने से भारी-भरकम मुआवजा हड़पने का गंदा खेल खेला जा रहा है। सजग जनता की समय पर की गई इस पहल ने शासन को करोड़ों रुपये के वित्तीय नुकसान से बचाने का काम किया है,अन्यथा अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होते ही भू-माफिया सरकारी जमीन का ही मुआवजा अपनी जेबों में भर लेते। शिकायत में दियापीपर, तहसील गोहपारू स्थित खसरा नंबर 703/1 के संदिग्ध व्यवस्थापन सहित पूरे फर्जीवाड़े के सभी बिंदुओं की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई गई है। जनता का स्पष्ट कहना है कि राजस्व और वन विभाग के किन अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी रकबे की कूटरचना की गई और कमिश्नर के आदेश के बाद भी किस दबाव में जांच रिपोर्ट रोकी गई, इसकी तह तक जाना जरूरी है। मामले में लीपापोती करने वाले संबंधित लापरवाह अधिकारियों और भू-माफियाओं के गठजोड़ पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई व प्राथमिकी दर्ज करने की मांग तेज हो गई है।

Previous Post Next Post