बंद मकान व ज्वेलरी शॉप में सेंधमारी कर लाखों का माल पार, रात की गश्त पर उठे गंभीर सवाल
Junaid Khan - शहडोल। जयसिंहनगर। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतरती नजर आ रही है। एक तरफ जहां आम जनता अपनी गाढ़ी कमाई की सुरक्षा को लेकर खौफ के साए में जीने को मजबूर है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय पुलिस प्रशासन की कथित गश्त और सुरक्षा के दावे केवल कागजी साबित हो रहे हैं। बेखौफ हो चुके बदमाशों ने पुलिस को सीधी चुनौती देते हुए एक ही रात में दो बड़ी वारदातों को अंजाम देकर सनसनी फैला दी। पहली वारदात जयसिंहनगर के वार्ड क्रमांक-11 में सामने आई, जहां रवेंद्र सिंह का परिवार रिश्तेदारी में गया हुआ था। सूने मकान की रेकी कर अज्ञात चोरों ने मुख्य दरवाजे का ताला चटकाया और अलमारी में रखे लाखों रुपये के कीमती सोने-चांदी के जेवरात व नकदी समेटकर रफूचक्कर हो गए। सुबह जब पड़ोसियों ने ताला टूटा और दरवाजा खुला देखा, तब जाकर पीड़ित परिवार व मोहल्लेवासियों को इस दुस्साहसिक वारदात की भनक लगी। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने रिहायशी इलाके के साथ-साथ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी अपना आसान निशाना बना लिया है। दूसरी सनसनीखेज वारदात अमझोर बस स्टैंड स्थित एक प्रतिष्ठित ज्वेलरी दुकान में घटित हुई। शातिर चोरों ने शटर व ताला तोड़कर दुकान के भीतर प्रवेश किया और वहां रखी भगवान श्री गणेश व माता लक्ष्मी की चांदी की मूर्तियों सहित लगभग 160 ग्राम चांदी के आभूषण पार कर दिए। एक ही रात में रिहायशी बस्ती और मुख्य बस स्टैंड जैसी संवेदनशील जगह पर हुई ताबड़तोड़ चोरियों ने क्षेत्र के व्यापारियों और आम नागरिकों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। लगातार हो रही इन वारदातों ने पुलिस की रात्रि गश्त और चौकसी पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। स्थानीय नागरिकों का साफ कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों की ढुलमुल कार्यशैली और गश्त के नाम पर खानापूर्ति के चलते असामाजिक तत्वों के हौसले सातवें आसमान पर हैं। पूर्व में हुई वारदातों का खुलासा न होना और अपराधियों पर नकेल कसने में नाकामी ही चोरों को खुली छूट दे रही है। यदि प्रशासन ने तत्काल मामले को गंभीरता से लेते हुए गश्त तेज नहीं की और अज्ञात बदमाशों को गिरफ्तार कर माल बरामद नहीं किया, तो व्यापारी वर्ग और स्थानीय जनता सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होगी।
