जनआक्रोश के आगे झुका तंत्र, नाली दुरुस्ती की मांग पर अड़े व्यापारियों ने रुकवाया यूरिनल निर्माण,बैकफुट पर आई नगरपालिका

स्टेशन रोड स्थित एमएलबी स्कूल के पास 06 लाख की लागत से बन रहे यूरिनल का मामला,नपा अध्यक्ष ने नाली व्यवस्थित करने का दिया ठोस आश्वासन


Junaid Khan - शहडोल। नगर के व्यस्ततम और प्रमुख व्यावसायिक गतिविधियों के केंद्र स्टेशन रोड पर सोमवार को उस समय प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया, जब स्थानीय जागरूक व्यापारियों ने नगरपालिका की अदूरदर्शी कार्यप्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मामला एमएलबी स्कूल के समीप लगभग 06 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित सार्वजनिक यूरिनल (लघुशंका गृह) के निर्माण से जुड़ा है। सोमवार की सुबह जैसे ही ठेकेदार और नगर पालिका के कर्मचारियों ने निर्माण कार्य प्रारंभ कराया, वैसे ही क्षेत्र के दर्जनों व्यापारी एकजुट होकर मौके पर पहुंच गए और बिना बुनियादी जल निकासी व्यवस्था के किए जा रहे इस निर्माण का कड़ा विरोध करते हुए काम को तत्काल प्रभाव से ठप करा दिया। व्यापारियों का स्पष्ट और तर्कसंगत कहना था कि गांधी चौक से स्टेशन रोड, बुढ़ार चौक रोड और सब्जी मंडी तक का पूरा इलाका शहर की व्यावसायिक रीढ़ है। यहाँ रोजाना हजारों नागरिकों और खरीदारों की आवाजाही बनी रहती है। यूरिनल का निर्माण तो जनसुविधा के लिहाज से बेहद जरूरी है, लेकिन इससे पहले क्षेत्र की मुख्य समस्या यानी नालों और नालियों के जीर्णोद्धार व व्यवस्थित जल निकासी का समाधान किया जाना अपरिहार्य है। व्यापारियों ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि बिना जल निकासी दुरुस्त किए यूरिनल बनाया गया, तो गंदगी और जलभराव से इलाके का वातावरण और भयावह हो जाएगा, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा पैदा हो जाएगा। जनता और व्यापारियों के इस मुखर विरोध और एकजुटता की खबर फैलते ही नगरपालिका प्रशासन में खलबली मच गई। आनन-फानन में नगर पालिका के आला अधिकारियों एवं कर्मचारियों का दल दलबल के साथ मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभालने के प्रयास शुरू किए। अधिकारियों ने नाराज व्यापारियों को शांत कराने के लिए काफी देर तक समझाइश दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल ने खुद सामने आकर स्थिति को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि आम जनता और व्यापारियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए ही 6 लाख की लागत से यह यूरिनल स्वीकृत कराया गया है। व्यापारियों द्वारा उठाई गई नाला व नाली निर्माण की जायज मांग पर उन्होंने आश्वस्त किया कि यूरिनल के साथ-साथ जल्द ही क्षेत्र की नालियों को भी पूरी तरह व्यवस्थित और दुरुस्त किया जाएगा। प्रशासन से मिले लिखित व मौखिक आश्वासन के बाद ही व्यापारी शांत हुए और कार्य की दिशा तय हो सकी। व्यापारियों का तर्क,हम जनसुविधा या विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन बिना नाली दुरुस्त किए यूरिनल बनाना सिर्फ खानापूर्ति है। गंदगी का स्थाई समाधान जरूरी है।। प्रशासन का पक्ष: "गांधी चौक, स्टेशन रोड व सब्जी मंडी क्षेत्र में शौचालय न होने से जनता परेशान थी। जनहित में यूरिनल बन रहा है, नालियों का काम भी प्राथमिकता से कराया जाएगा।—घनश्याम जायसवाल, अध्यक्ष,नगरपालिका जिला शहडोल।

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