इंटर-डिस्ट्रिक्ट ओपन टूर्नामेंट के लिए 20 सदस्यीय जूनियर गर्ल्स टीम रवाना
Junaid Khan - शहडोल। फुटबॉल के मैदान पर शहडोल की बेटियां एक बार फिर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने को तैयार हैं। रिलायंस फाउंडेशन फुटबॉल ट्रेनिंग सेंटर 16 एवं विचारपुर की 4 कुल 20 सदस्यीय जूनियर गर्ल्स टीम रविवार को इंटर-डिस्ट्रिक्ट ओपन फुटबॉल टूर्नामेंट में सहभागिता के लिए महू रवाना हुई। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों के पास मध्य प्रदेश टीम में चयन के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अवसर रहेगा। कोच यशोदा सिंह एवं मैनेजर सीताराम सहिस के नेतृत्व में टीम बस से महू के लिए रवाना हुई। इस अवसर पर जिला फुटबॉल संघ के कार्यकारी अध्यक्ष मोहम्मद जकरिया, सचिव रईस अहमद, रिलायंस सीबीएम प्रोजेक्ट के सीएसआर हेड राजीव श्रीवास्तव, खेल समन्वयक अश्वनी शर्मा, डीएफए शहडोल के उपाध्यक्ष एस.आर. मोहंती, कोषाध्यक्ष अनिल सिंह, एवं खिलाड़ियों के अभिभावकों ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया। वहीं, जिला फुटबॉल संघ शहडोल की संरक्षक एवं जयसिंहनगर विधायक मनीषा सिंह, अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छावड़ा, उपाध्यक्ष अजय विजरा, शमीम खान एवं बालाकृष्ण बंगारी, फुटबॉल कोच शंकर दाहिया, लक्ष्मी सहीस ने भी टीम की खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन की कामना की। जिला फुटबॉल संघ के सचिव रईस अहमद ने बताया कि प्रतियोगिता का आयोजन ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश फुटबॉल एसोसिएशन (MPFA) द्वारा जिला फुटबॉल संघ इंदौर के माध्यम से 31 अगस्त से 4 सितंबर तक महू में किया जा रहा है। प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश की छह चयनित टीमें इंदौर, धार, मुरैना, ग्वालियर, रायसेन एवं शहडोल हिस्सा ले रही हैं। प्रतियोगिता का फाइनल 4 सितंबर को होगा। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर मध्य प्रदेश टीम के लिए चयन किया जाएगा। चयनित खिलाड़ी आगे राष्ट्रीय प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी।
पिछले वर्ष भी मिली थी बड़ी सफलता
शहडोल की गर्ल्स फुटबॉल खिलाड़ियों ने पिछले वर्ष भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया था। जिला फुटबॉल संघ शहडोल के मार्गदर्शन में रिलायंस फाउंडेशन फुटबॉल ट्रेनिंग सेंटर की जूनियर एवं सब-जूनियर टीम ने ओपन प्रतियोगिता में सहभागिता की थी। इसके बाद 10 से अधिक गर्ल्स खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में खेलने का अवसर मिला। शहडोल की बेटियों की लगातार सफलता से क्षेत्र में महिला फुटबॉल को नई पहचान मिल रही है। साथ ही ग्रामीण एवं वंचित वर्ग की प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच मिल रहा है।
