पालतू कुत्ता घुमाने को लेकर खूनी संघर्ष,ईंट-पत्थर चले, बीच-बचाव करने पहुंचे युवक को नोचा,व्यवस्था पर उठे सवाल

शहडोल में आवारा व खूंखार श्वानों पर लगाम कसने में निकाय व पुलिस प्रशासन नाकाम,जागरूक नागरिकों ने दिखाया अदम्य साहस


Junaid Khan - शहडोल। शहर के कोतवाली थाना अंतर्गत पांडवनगर (लाल सोनिया की चाय दुकान के पास) उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब पालतू कुत्ते को सार्वजनिक जगह पर खुले में घुमाने को लेकर उठा मामूली विवाद जानलेवा हमले में बदल गया। आरोप है कि प्रशांत उर्फ राहुल पांडे नाम का युवक अपने पालतू कुत्ते के साथ वहां पहुंचा था। जब उसकी चाची पूनम सोनिया ने यह कहते हुए आपत्ति जताई कि "आसपास छोटे बच्चे खेलते हैं, कुत्ते को दूर रखो", तो बजाय सुरक्षा का ध्यान रखने के प्रशांत ने अपनी चाची से ही गाली-गलौज शुरू कर दी। स्थानीय नागरिकों व प्रत्यक्षदर्शियों ने जब इस अभद्रता का विरोध किया, तो आरोपी और उग्र हो गया तथा ईंट उठाकर हमला कर दिया। इसी खूनी झड़प के दौरान एक 18 वर्षीय युवक ने मानवता और नागरिक कर्तव्य का परिचय देते हुए बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन खूंखार पालतू कुत्ते ने उसी साहसी युवक के बाएं हाथ की कोहनी के पास बुरी तरह काट लिया।

इस पूरे घटनाक्रम में एक ओर जहां स्थानीय नागरिकों की सतर्कता और बीच-बचाव करने वाले युवक के अदम्य साहस की सर्वत्र सराहना हो रही है—जिसने खुद लहूलुहान होकर भी मामले को और बड़ा हादसा बनने से रोक लिया वहीं दूसरी ओर नगर पालिका व स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली कटघरे में आ खड़ी हुई है। मोहल्ला वासियों का स्पष्ट कहना है कि रिहाइशी इलाकों और भीड़भाड़ वाली दुकानों के पास बिना मजल (मुंह पर बेल्ट) के खूंखार कुत्तों को खुला छोड़ना सीधे तौर पर आम जनता की जान से खिलवाड़ है। स्थानीय निकाय और पुलिस प्रशासन द्वारा ऐसे खतरनाक और बिना रजिस्ट्रेशन वाले श्वानों के संबंध में कोई सख्त नियम लागू न करना और न ही आवारा/हिंसक श्वानों पर कोई ठोस कार्रवाई करना प्रशासनिक संवेदनहीनता को दर्शाता है। यदि पुलिस और प्रशासन समय रहते सार्वजनिक स्थलों पर नियमों का कड़ाई से पालन करवाता, तो यह हिंसक विवाद और एक निर्दोष युवक का घायल होना टाला जा सकता था। घटना के तुरंत बाद पीड़ित युवक लहूलुहान हालत में कोतवाली थाने पहुंचा और पुलिस को आपबीती सुनाई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे डॉक्टरी परीक्षण व प्राथमिक उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा, जहां मेडिकल रिपोर्ट में श्वान के काटने (Dog Bite) और चोट की आधिकारिक पुष्टि हुई है। मेडिकल रिपोर्ट और लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी प्रशांत उर्फ राहुल पांडे के खिलाफ सुसंगत धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि केवल औपचारिकता के तहत मामला दर्ज करने के बजाय प्रशासन ऐसे उपद्रवी तत्वों और बिना सुरक्षा उपायों के खुले में खूंखार जानवर घुमाने वालों पर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई करे ताकि भविष्य में किसी मासूम की जान जोखिम में न पड़े।

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