जमीयत उलेमा-ए-हिन्द शहर शहडोल की अहम बैठक सम्पन्न
Junaid Khan - शहडोल। जमीयत उलेमा-ए-हिन्द मध्यप्रदेश की जानिब से भोपाल में मुनअकिद यूसीसी (यूनिफॉर्म सिविल कोड) के खिलाफ सूबाई सतह के मस्जिद तरजुमा सम्मेलन में तय किए गए एजेंडे को अवाम तक पहुँचाने के मकसद से, सदर अमीरे शरीयत हज़रत मौलाना मुफ़्ती अहमद ख़ान साहब के हिदायात के मुताबिक जमीयत उलेमा-ए-हिन्द शहर शहडोल की एक अहम बैठक शहर सदर जनाब मोहम्मद ज़करिया साहब की सदारत में होटल पैराडाइज़, बुढ़ार रोड स्थित काज़ी साहब के दफ़्तर में मुनअकिद हुई। बैठक का आगाज़ काज़ी हसन रहमानी साहब की निगरानी में हुआ, जबकि मुफ़्ती अब्दुल्लाह साहब ने खुतबा पेश फरमाया। बैठक में यूसीसी के मुमकिना असरात, मुस्लिम पर्सनल लॉ की अहमियत और अवाम में बेदारी पैदा करने के लिए अमली हिकमत-ए-अमली पर तफ्सीली गौर-ओ-ख़ौज़ किया गया। इस मौक़े पर शहर के नामवर उलेमा, दीनदार अफ़राद, समाजी रहनुमा और मुख्तलिफ़ तन्ज़ीमों के जिम्मेदारान शरीक रहे। जिनमें खास तौर पर हाजी अब्दुल फ़रीद साहब (सदर दारुल क़ज़ा), हाजी मोहम्मद सोहेब साहब, मौलाना ज़ियाउल्लाह साहब, मौलाना आसिफ साहब बरेलवी, हाफ़िज़ अब्दुल ज़लील बरेलवी, शाहिद ख़ान, हाजी साबिर साहब (जमाअत-ए-इस्लामी), हाजी इसरार साहब, मोमिन नगर सदर, हाजी मोहम्मद यूसुफ साहब, सींगपुर सदर, हाजी अब्दुल सत्तार साहब (मेढ़की सदर), अमीद साहब सिख समाज के नुमाइंदे मनवीर सिंह जी, एडवोकेट फ़ारूक़ अंसारी साहब और दीगर अहल-ए-मिल्लत की बड़ी तादाद मौजूद रही। मुकर्रिरीन ने अपने खिताब में कहा कि मुल्क की गंगा-जमुनी तहज़ीब, मज़हबी आज़ादी और दस्तूरी हुक़ूक़ का तहफ़्फ़ुज़ हर शहरी की जिम्मेदारी है। बैठक में यह तय पाया गया कि यूसीसी के हवाले से अवाम में शऊर बेदार करने, मसाजिद और मोहल्लों में अवामी बैठकों के ज़रिये सही मालूमात पहुँचाने और जम्हूरी व पुरअमन तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद करने का सिलसिला जारी रखा जाएगा। बैठक के इख़्तिताम पर शहर सदर जनाब मोहम्मद ज़करिया साहब ने तमाम शिरका का शुक्रिया अदा किया और मिल्ली इत्तेहाद, तन्ज़ीमी मजबूती और अवामी बेदारी के लिए मिल-जुलकर काम करने की अपील की।
