मिलावटखोरों पर कसा शिकंजा,शहडोल में प्रशासन का बड़ा छापा,कई प्रतिष्ठानों से नमूने जब्त

कलेक्टर के सख्त निर्देश पर हरकत में आया खाद्य सुरक्षा विभाग,नमकीन, खोवा, पनीर और घी के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे 


Junaid Khan - शहडोल। आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों और बेपरवाह व्यापारियों के खिलाफ शहडोल जिला प्रशासन ने पूर्ण रूप से मोर्चा खोल दिया है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा प्रशासन भोपाल के निर्देशों का सख्ती से पालन कराते हुए जिला कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल के कड़े रुख और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा के कुशल नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाइयां कर रही है। जिले में शुद्ध खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने और जनस्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि जनहित से समझौता करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। खाद्य सुरक्षा अधिकारी वाजिद मोहिब एवं उनकी टीम द्वारा शहरी व ग्रामीण इलाकों में चलाए जा रहे इस जांच अभियान से हड़कंप मचा हुआ है। कार्रवाई के दौरान टीम ने ब्रांडेड घी से लेकर डेयरी उत्पादों और मसालों के संदिग्ध स्टॉक पर सीधी चोट की। ब्यौहारी स्थित प्रमोद किराना से 'डोडला काऊ घी' का सैंपल लिया गया, वहीं जयसिंहनगर के हर्ष ट्रेडर्स से 'तुषार प्योर काऊ घी' का नमूना लेते हुए 4,200 रुपये मूल्य का घी मौके पर ही जब्त किया गया। इसी कड़ी में शहडोल के अजय किराना से 'गोवर्धन प्योर काऊ घी' का नमूना लेकर 6,020 रुपये की सामग्री जब्त की गई। इसके अलावा ब्यौहारी के महालक्ष्मी स्वीट्स, शिवालय रेस्टोरेंट, नॉर्थ फूड्स, अन्नपूर्णा ट्रेडर्स और संदीप ट्रेडिंग में सघन निरीक्षण कर नमकीन, काली मिर्च, इलायची, खोवा तथा पनीर के नमूने एकत्र किए गए। अभियान को आगे बढ़ाते हुए शहडोल नगर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों महादेव फूड्स एंड ज्यूस सेंटर, कलकत्ता डेयरी, गोपाल डेयरी, सागर डेयरी और अनिल किराना स्टोर्स में दबिश दी गई। यहाँ से ब्रेड, पनीर, खोवा, पेड़ा, भैंस का दूध, सौंफ, अजवाइन एवं जीरा जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं के सैंपल सील कर परीक्षण हेतु राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लैब से जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही दोषियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर पार्थ जायसवाल और स्वास्थ्य विभाग की इस मुस्तैद कार्यशैली की आम जनता में जमकर सराहना हो रही है। इस प्रभावी कार्रवाई ने न केवल मिलावटखोरी के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाया है, बल्कि लापरवाही बरतने वाले विक्रेताओं को भी सख्त चेतावनी दी है कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने पर सीधे सीलिंग और आपराधिक मुकदमों का सामना करना पड़ेगा।

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