अतिक्रमणकारियों पर मेहरबान पुलिस-प्रशासन, न्याय न मिलने पर 15 अगस्त से अनशन का ऐलान
Junaid Khan - शहडोल। जिला मुख्यालय के प्रशासनिक व पुलिस अमले की अकर्मण्यता और भू-माफियाओं के प्रति लचर रवैये ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था के दावों की पोल खोलकर रख दी है। नगर के वार्ड क्रमांक 25 में एक दबंग गिरोह द्वारा गरीब और असहाय व्यक्ति की निजी भूमि पर जबरन कब्जे की नीयत से तांडव मचाया जा रहा है, लेकिन शिकायत दर शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्णी नींद में सोए हुए हैं। पीड़ित केशव चौधरी ने अजाक (AJK) थाने सहित जिले के सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारियों के चौखट पर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन कागजी कार्रवाई और कोरे आश्वासनों के अलावा कुछ हाथ नहीं लगा। आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने संगठित समूह बनाकर तथाकथित सड़क निर्माण के नाम पर पीड़ित की निजी भूमि पर अवैध कब्जा करने का दुस्साहस किया है। इतना ही नहीं, पूर्व में भी पीड़ित की भूमि पर रखी निर्माण सामग्री को जबरन हटाकर और तोड़-फोड़ कर उन्हें भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस व राजस्व अमले की इस संदिग्ध खामोशी से हौसला बुलंद किए बैठे बेखौफ दबंग अब पीड़ित को हर तरफ से प्रताड़ित कर रहे हैं, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि निचले स्तर पर मिलीभगत और लापरवाही का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। पीड़ित केशव चौधरी का स्पष्ट कहना है कि उन्होंने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों को बार-बार शिकायती आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और ठोस दंडात्मक कार्रवाई की गुहार लगाई, लेकिन जिला प्रशासन की शिथिलता के कारण न्याय केवल फाइलों तक सीमित रह गया है। शासन-प्रशासन के इस उदासीन और लापरवाह रवैये से तंग आकर पीड़ित ने अब शासन और जिला प्रशासन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने का मन बना लिया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि 15 अगस्त 2026 तक उनकी भूमि से अवैध अतिक्रमण और कब्जे की कोशिशों पर उचित दंडात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें उनकी भूमि का वास्तविक अधिकार वापस नहीं दिलाया गया, तो वे राष्ट्रीय पर्व पर जिला मुख्यालय के समक्ष आमरण व अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठने को मजबूर होंगे। अब देखना यह होगा कि स्वाधीनता दिवस से पूर्व क्या जिला प्रशासन और पुलिस तंत्र नींद से जागकर पीड़ित को न्याय दिला पाता है या फिर विभागीय लापरवाही के चलते जिला मुख्यालय पर अनशन की नौबत आएगी।
