मानसून में बांधवगढ़ के बफर जोन में बढ़ा पर्यटन का आकर्षण

47 दिनों में 2 हजार से अधिक पर्यटकों ने लिया जंगल सफारी का आनंद, बफर जोन पर्यटन से मिला 5.50 लाख रुपये से अधिक राजस्व


Junaid Khan - शहडोल। 19 अगस्त 2026- मानसून की बारिश के साथ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का प्राकृतिक सौंदर्य और अधिक निखर उठा है। हरियाली से आच्छादित जंगल, जलस्रोतों में बढ़ा जलस्तर और वन्यजीवों की सक्रियता पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। मानसून अवधि में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का कोर क्षेत्र पर्यटन के लिए बंद रहता है, वहीं बफर जोन में निर्धारित नियमों के अनुसार सफारी का संचालन जारी है। बफर जोन में सफारी को लेकर पर्यटकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। 1 जुलाई से 16 अगस्त 2026 तक 47 दिनों की अवधि में 400 से अधिक सफारी वाहन संचालित हुए, जिनके माध्यम से लगभग 2 हजार पर्यटकों ने जंगल सफारी का आनंद लिया। इनमें देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशी पर्यटक भी शामिल रहे। इस अवधि में बफर जोन पर्यटन से 5.50 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त जिप्सी संचालकों, गाइड एवं होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी पर्यटन गतिविधियों से आय प्राप्त हुई।

बाघ सहित कई वन्यजीवों का हुआ दीदार

मानसून के दौरान बांधवगढ़ के धमोखर एवं पनपथा बफर क्षेत्रों में पर्यटकों को बाघों के दीदार का अवसर मिला। इसके अलावा तेंदुआ, इंडियन गौर, हाथी, चीतल, सांभर, बार्किंग डियर एवं नीलगाय सहित विभिन्न वन्यजीवों की मौजूदगी ने सफारी के रोमांच को और बढ़ाया। विशेष रूप से धमोखर बफर क्षेत्र इन दिनों पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां बाघिन के अपने शावकों के साथ विचरण करने के दृश्य पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हैं। घने जंगल के बीच शावकों की गतिविधियां और वन्यजीवों की सहज चहलकदमी मानसून सफारी को यादगार बना रही है।

स्वतंत्रता दिवस पर भी बड़ी संख्या में पहुंचे पर्यटक 

स्वतंत्रता दिवस एवं हरियाली तीज के अवसर पर 15 अगस्त को 29 सफारी वाहनों से 161 पर्यटकों ने बफर जोन का भ्रमण किया। इस दौरान लगभग 40 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। वहीं 16 अगस्त को 24 सफारी वाहनों के माध्यम से 111 पर्यटकों ने जंगल सफारी का आनंद लिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का कोर क्षेत्र वन्यजीवों एवं उनके प्राकृतिक आवास के संरक्षण की दृष्टि से 1 जुलाई से 30 सितंबर तक मानसून अवधि में पर्यटकों के लिए बंद रहता है। इसके बावजूद बफर क्षेत्र में पर्यटकों को प्रकृति एवं वन्यजीवों को करीब से देखने का अवसर मिल रहा है।

पर्यटकों से वन्यजीव संरक्षण में सहयोग की अपील

बांधवगढ़ प्रबंधन द्वारा सफारी के दौरान पर्यटकों से वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने, निर्धारित मार्ग एवं गति सीमा का पालन करने, जंगल में शांति बनाए रखने तथा प्राकृतिक पर्यावरण को किसी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचाने की अपील की गई है। मानसून के दौरान बांधवगढ़ का बफर क्षेत्र हरे-भरे जंगल, जलस्रोतों, झरनों और वन्यजीवों की सक्रियता के कारण प्राकृतिक पर्यटन का विशेष आकर्षण बना हुआ है। कोर क्षेत्र बंद होने के बावजूद बफर जोन में पर्यटन गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय रोजगार एवं पर्यटन अर्थव्यवस्था को भी गति मिल रही है।

Previous Post Next Post