प्रशासन की पहल और डबल इंजन सरकार की नीतियों से बढ़ा निवेशकों का भरोसा,अनूपपुर बनेगा नया औद्योगिक हब,हजारों को मिलेगा सीधे रोजगार
Junaid Khan - शहडोल। अनूपपुर मध्य प्रदेश के शहडोल संभाग की तस्वीर और तकदीर बदलने की दिशा में एक ऐतिहासिक औद्योगिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री के विजन, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों (मंत्रियों, सांसदों व विधायकों) के निरंतर प्रयासों और स्थानीय प्रशासन तथा एमपीआईडीसी (MPIDC) की सक्रियता के बल पर संभाग में लगभग 2,400 करोड़ रुपये के विशाल औद्योगिक निवेश की नींव रखी जा रही है। प्रतिष्ठित औद्योगिक घराने सारदा ग्रुप और महेंद्र ग्रुप द्वारा शहडोल संभाग, विशेषकर अनूपपुर जिले में बड़ा स्टील प्लांट (Steel Plant) स्थापित करने की योजना पर काम शुरू हो चुका है। छत्तीसगढ़ स्थित इन दोनों दिग्गज कंपनियों के शीर्ष प्रबंधन और मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच रायपुर में हुई प्रथम दौर की वार्ता बेहद सकारात्मक और उत्साहजनक रही है। सरकार और प्रशासन के इस कड़े व दूरदर्शी रुख ने यह साबित कर दिया है कि विंध्य व शहडोल अंचल अब केवल प्राकृतिक संसाधनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मध्य प्रदेश का नया 'कोर औद्योगिक हब' बनकर उभरेगा। इस ड्रीम प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए एमपीआईडीसी (MPIDC) के क्षेत्रीय प्रबंध संचालक (ED) एपी सिंह की अगुवाई में प्रशासनिक टीम ने मोर्चा संभाल लिया है। रायपुर में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में महेंद्र ग्रुप के डायरेक्टर महेंद्र अग्रवाल और सारदा ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर जीके छंगानी के साथ औद्योगिक नीति, कनेक्टिविटी, बिजली-पानी की उपलब्धता और राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली विभिन्न रियायतों पर बिंदुवार चर्चा हुई। अनूपपुर जिले की भौगोलिक स्थिति, प्रचुर खनिज संपदा, पानी की उपलब्धता और छत्तीसगढ़ से सीधी कनेक्टिविटी इस भारी-भरकम निवेश के लिए सबसे मुफीद साबित हो रही है। खास बात यह है कि प्रशासन ने बिना किसी कानूनी या भूमि अधिग्रहण की अड़चन के उद्योगों के लिए 611 हेक्टेयर का विशाल एवं सुरक्षित 'लैंड बैंक' (Land Bank) पहले से तैयार कर रखा है। प्रशासनिक सुगमता, जनप्रतिनिधियों का विजनरी समर्थन और पारदर्शी नीतियों के कारण ही दोनों बड़े निवेशक समूहों ने शहडोल संभाग में अपनी इकाइयां लगाने के लिए गहरा उत्साह जताया है।
रोजगार का नया दौर, व्यापार-बाजार में आएगी बूम और जनता का अटूट भरोसा
इस 2400 करोड़ रुपये के निवेश से न केवल शहडोल संभाग की पहचान बदलेगी, बल्कि अनूपपुर, शहडोल और उमरिया जिले के हजारों शिक्षित, कुशल व अकुशल स्थानीय युवाओं को अपने ही घर में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के सुनहरे अवसर प्राप्त होंगे। युवाओं को अब रोजगार की तलाश में पलायन नहीं करना पड़ेगा। कोर सेक्टर में स्टील प्लांट लगने से संभाग में छोटे और मध्यम दर्जे (MSME) के सहायक उद्योग भी तेजी से पनपेंगे, जिससे स्थानीय व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और सर्राफा से लेकर किराना बाजार तक आर्थिक तेजी आएगी। स्थानीय जनता, प्रबुद्ध वर्ग और व्यापारिक संगठनों ने सरकार, क्षेत्रीय विधायकों-सांसदों और मुस्तैद प्रशासनिक अधिकारियों की इस ऐतिहासिक पहल का दिल खोलकर स्वागत किया है। अधिकारियों का कहना है कि औपचारिकताएं अंतिम चरण में हैं और जल्द ही इस महा-प्रोजेक्ट पर एमओयू (MoU) के साथ अंतिम मुहर लग जाएगी, जो शहडोल संभाग के विकास में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होगा। रायपुर में आयोजित चर्चा बेहद सकारात्मक और उत्साहजनक रही है। दोनों कंपनियों ने शहडोल संभाग में अपनी औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए सकारात्मक रुख अपनाया है। 611 हेक्टेयर का पारदर्शी लैंड बैंक तैयार है। प्रोजेक्ट फाइनल होते ही यह शहडोल संभाग के लिए अब तक का सबसे बड़ा औद्योगिक टर्निंग पॉइंट साबित होगा। एपी सिंह, कार्यपालन निदेशक (ED), MPIDC,,
