सड़कों के गड्ढों से लेकर आवारा मवेशियों तक का लेखा-जोखा,शहडोल के 39 वार्डों का 'जमीनी एक्स-रे' करेगी प्रशासन की 04 संयुक्त टीमें

कलेक्टर के निर्देश पर संयुक्त टीमों का गठन,राजस्व, नगरपालिका के सब-इंजीनियर और वार्ड प्रभारी वार्ड-वार्ड घूमकर तैयार करेंगे मास्ट रिपोर्ट 


Junaid Khan - शहडोल। शहडोल शहर में बदहाल सड़कों और सड़कों पर मौत का सबब बन रहे आवारा मवेशियों व श्वान (कुत्तों) की समस्या से शहरवासियों को जल्द निजात मिल सकती है। प्रशासनिक स्तर पर इसे केवल एक कागजी समस्या मानने के बजाय, अब ज़मीनी हकीकत को मापने के लिए एक बड़ा सर्वेक्षण अभियान शुरू करने की तैयारी की गई है। कलेक्टर के सख्त निर्देश के बाद एसडीएम ने राजस्व विभाग, नगरपालिका के सब-इंजीनियरों और वार्ड प्रभारियों को मिलाकर 4 विशेष संयुक्त टीमों का गठन किया है। यह टीमें शहर के सभी 39 वार्डों में सीधे मैदानी स्तर पर उतरकर सड़कों की वास्तविक स्थिति और आवारा पशुओं की मौजूदगी का प्रामाणिक डेटा तैयार करेंगी।

सर्वे का मुख्य एजेंडा,गड्ढे, मरम्मत,नई सड़कें और आवारा मवेशी 

इस ग्राउंड सर्वे का उद्देश्य केवल सड़कों की जर्जर स्थिति देखना ही नहीं है, बल्कि एक व्यापक एक्शन प्लान (कार्य योजना) तैयार करना है। सड़क निर्माण और मरम्मत का आकलन। स्वीकृत सड़कों के निर्माण की वर्तमान स्थिति देखना, मरम्मत योग्य सड़कों को चिन्हित करना और नई प्रस्तावित सड़कों का आंकलन करना। आवारा पशुओं की वास्तविक गिनती: हर वार्ड में आवारा मवेशियों और श्वानों (कुत्तों) की संख्या दर्ज की जाएगी ताकि उनके स्थायी विस्थापन और नियंत्रण के लिए सटीक कार्ययोजना बने। सटीक आंकड़ों पर त्वरित कार्रवाई: प्रशासन का मानना है कि हर वार्ड का वास्तविक डेटा सामने आने के बाद सड़क मरम्मत कार्यों में तेजी आएगी और पशु समस्या से स्थायी राहत मिल सकेगी। 

तय डेडलाइन चूकी,अब सोमवार से मैदानी कार्रवाई पर टिकीं निगाहें 

प्रशासनिक आदेश के मुताबिक, टीमों को 23 सितंबर की शाम 4 बजे तक अपनी सर्वे रिपोर्ट जमा करनी थी। हालांकि, किन्हीं कारणों से तय समय सीमा तक सर्वे शुरू नहीं हो सका था। अब उम्मीद जताई जा रही है कि सोमवार से सभी 4 टीमें मैदान में उतरकर काम शुरू कर देंगी। बड़ा सवाल: शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और आम जनता की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह सर्वे केवल फाइलों में बंद होकर रह जाएगा, या फिर सर्वे रिपोर्ट के आधार पर धरातल पर सुधार कार्य शुरू होगा? टीमवार वार्डों की जिम्मेदारी और कमान का विवरण: टीम-1: वार्ड 1 से 13 की जिम्मेदारी नेतृत्व: तहसीलदार दीपक पटेल,तकनीकी टीम: सब-इंजीनियर सुखेन्द्र सिंह तोमर एवं संबंधित वार्ड प्रभारी, सहयोगी सदस्य: अतुल मिश्रा, प्रदीप शर्मा, मोहसिन हुसैन, अभय श्रीवास्तव, रामप्रकाश पाण्डेय, पूर्णेन्दु शुक्ला, नर्मदा प्रसाद यादव, रामलखन पाण्डेय, मनीष श्रीवास्तव, सुशील गुप्ता, विकास द्विवेदी, प्रदीप सिंह और कुलदीप चौथा। टीम-2: वार्ड 14 से 20 की कमान, नेतृत्व: नायब तहसीलदार अमरहा के.एल. पनिका तकनीकी टीम: सब-इंजीनियर पुनील त्रिपाठी वार्ड प्रभारी व सहयोगी: मनीष श्रीवास्तव (वार्ड 14), संजय दाहिया (वार्ड 16), उत्तम वर्मा (वार्ड 17), अरुणेन्द्र गर्ग (वार्ड 18) और सागर चौथा (वार्ड 19-20)। टीम-3: वार्ड 21 से 30 एवं 38-39 का जिम्मा नेतृत्व: नायब तहसीलदार सिंहपुर श्यामलाल मोगरे तकनीकी टीम: सब-इंजीनियर शरद द्विवेदी सहयोगी सदस्य: अजय गुप्ता, शंभू प्रसाद, अनिल त्रिपाठी, संदीप वर्मन, भोला सिंह, शैलेश रजक, अभिषेक सोधिया, अभिनव गौतम, अनिल यादव, जफर खान, कृष्ण कुमार अध्याय और संतोष यादव। टीम-4: वार्ड 31 से 37 की जिम्मेदारी नेतृत्व: नायब तहसीलदार अंकिता द्विवेदी,तकनीकी टीम: सब-इंजीनियर सुखेन्द्र सिंह तोमर,वार्ड प्रभारी व सहयोगी: रितेश (वार्ड 31), ओमप्रकाश पाव (वार्ड 32), रवि सिंह (वार्ड 33-34), सूरज नापित (वार्ड 35), सत्यम वर्मा (वार्ड 36) और कृष्ण कुमार अध्याय (वार्ड 37)। जनता की उम्मीद,शहरवासी लंबे समय से गड्ढों और सड़कों पर मंडराते आवारा पशुओं के खतरे से जूझ रहे हैं। यदि यह सर्वे पारदर्शिता के साथ पूरा होकर धरातल पर क्रियान्वित होता है, तो निश्चित तौर पर शहडोल की सूरत और सीरत दोनों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

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