सड़क निर्माण में लापरवाही और सांठगांठ पर भड़का जनआक्रोश,अधिकारियों व ठेकेदार पर एफआईआर की मांग-जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी

बुढ़ार चौक से बसस्टैंड रोड की बदहाली पर नगर पालिका और जिला प्रशासन के मौन पर उठे गंभीर सवाल 



Junaid Khan - शहडोल। शहर के बुढ़ार चौक से बसस्टैंड मार्ग पर जारी निर्माण कार्य में नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों, उपयंत्रियों और ठेकेदार की घोर लापरवाही एवं कथित सांठगांठ से जनता का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। कार्य प्रारंभ होने के बाद टेंडर में तय मापदंडों के विपरीत बिजली के खंभों की स्थिति और तारों की लंबाई कम पाए जाने से नगर पालिका के तकनीकी अमले और इंजीनियरों की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि निर्माण से पहले तकनीकी पहलुओं का सही आंकलन किए बिना ही मनमाने तरीके से काम शुरू करा दिया गया, जिसके कारण योजना पूरी तरह धरातल पर हांफती नजर आ रही है। ढाई माह से अधर में अटका काम, जनता बेहाल। मामले की गंभीरता को बढ़ाते हुए 29 जून को सड़क की खुदाई तो कर दी गई, लेकिन उसके बाद संबंधित ठेकेदार कृष्णकांत मिश्रा द्वारा ढाई महीनों तक निर्माण कार्य शुरू ही नहीं किया गया। इतने लंबे समय तक सड़क को उखाड़कर लावारिस छोड़ देने के कारण राहगीरों, स्थानीय दुकानदारों और वार्ड में रहने वाले हजारों नागरिकों, बच्चों, बुजुर्गों व महिलाओं को बेहद नारकीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। उड़ती धूल, गड्ढों और अव्यवस्था के चलते दुर्घटनाओं का अंदेशा बना हुआ है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंदे बैठे हैं।

जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जगह साधी चुप्पी इस गंभीर जनसमस्या और प्रशासनिक उदासीनता को लेकर कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी ने जिला प्रशासन से सीधे सवाल दागते हुए कड़ी मांग उठाई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता के पैसों की बर्बादी और आमजन को इस कदर परेशानी में डालने वाले गैर-जिम्मेदार इंजीनियरों एवं ठेकेदार पर जिला प्रशासन तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कराए। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक दोषी ठेकेदार और उसकी अनदेखी करने वाले जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों पर ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक शहर में विकास के नाम पर इस तरह का मनमाना रवैया और बदहाली का खेल जारी रहेगा।

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