बिजली कटौती और कटे कनेक्शन से भड़का युवक,ट्रांसफॉर्मर पर चढ़कर घंटों रचा 'हाई-वोल्टेज' ड्रामा,सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
Junaid Khan - शहडोल। आघोषित बिजली कटौती की समस्या और विभाग की कार्रवाई से परेशान आम जनता का आक्रोश किस हद तक खतरनाक रूप ले सकता है, इसका एक सनसनीखेज मामला अमलाई थाना क्षेत्र से सामने आया है। यहाँ शराब के नशे में धुत एक युवक ने बिजली गुल होने और अपने घर का कनेक्शन काटे जाने से नाराज होकर अपनी जान जोखिम में डालते हुए विद्युत सब-स्टेशन के ट्रांसफॉर्मर पर चढ़कर घंटों हाई-वोल्टेज ड्रामा किया। इस दौरान युवक ने मौके पर मौजूद बिजली कर्मचारियों के साथ जमकर अभद्रता और गाली-गलौज की। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने विद्युत विभाग की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, पूरा वाकया अमलाई थाना क्षेत्र अंतर्गत रूंगटा-साबो स्थित एसईसीएल (SECL) शारदा ओसीएम की बंद पड़ी खदान कॉलोनी के सब-स्टेशन का है। रूंगटा निवासी बबलू केवट नामक युवक क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली की आंख-मिचौली से काफी समय से परेशान था। इसी बीच बिजली विभाग द्वारा उसके क्वार्टर का कनेक्शन काट दिया गया, जिससे उसका गुस्सा फूट पड़ा। घटना के वक्त बबलू केवट अत्यधिक शराब के नशे में था। वह आपा खोते हुए सीधे सब-स्टेशन परिसर में घुस गया और देखते ही देखते जान की परवाह किए बिना विशालकाय ट्रांसफॉर्मर पर जा चढ़ा। ट्रांसफॉर्मर के ऊपर बैठकर वह न केवल चीखने-चिल्लाने लगा, बल्कि परिसर में मौजूद विद्युत कर्मचारियों को निशाना बनाते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगा।
कर्मचारियों में मचा हड़कंप, काटी गई सप्लाई
युवक को बिजली के इतने संवेदनशील और खतरनाक उपकरण पर चढ़ा देखकर सब-स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया। अप्रिय घटना या करंट लगने की आशंका को देखते हुए कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए। कर्मचारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत सब-स्टेशन की मेन बिजली सप्लाई बंद (परमिट/सटडाउन) कराई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, सप्लाई बंद होने के बाद भी नशे में धुत युवक ट्रांसफॉर्मर के ऊपर ही जमा रहा और घंटों तक कर्मचारियों व अधिकारियों को गालियां देता रहा। काफी मशक्कत और मान-मनौव्वल के बाद जब उसका नशा कुछ हिरन हुआ, तब जाकर वह नीचे उतरा।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, विभाग पर उठे यक्ष प्रश्न
घटना का पूरा वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने अपने कैमरों में कैद कर लिया,जो अब सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया जा रहा है। एक अनुभवी पत्रकार के दृष्टिकोण से देखा जाए,तो यह घटना सिर्फ एक शराबी के ड्रामे तक सीमित नहीं है,बल्कि यह अति-संवेदनशील विद्युत परिसरों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है। सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे? एक आम नागरिक बिना किसी रोक-टोक के इतने संवेदनशील सब-स्टेशन परिसर में कैसे दाखिल हो गया? क्या वहां सुरक्षाकर्मियों की तैनाती नहीं थी? बाउंड्री वॉल और फेंसिंग के इंतजाम कहां? सब-स्टेशन जैसे जानलेवा खतरे वाले स्थानों पर अनाधिकृत प्रवेश रोकने के लिए पुख्ता बाउंड्री फेंसिंग और 'डेंजर' चेतावनी बोर्ड के मानक नियमों का पालन क्यों नहीं किया जा रहा? कार्रवाई में ढिलाई क्यों? बिजली विभाग के कर्मचारियों के साथ अभद्रता, शासकीय कार्य में बाधा डालने और जान जोखिम में डालकर सब-स्टेशन की व्यवस्था ठप करने वाले आरोपी पर अब तक क्या कानूनी कार्रवाई की गई है?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि क्षेत्र में बिजली कटौती से जनमानस पहले ही त्रस्त है, लेकिन विभागीय लापरवाही और सुरक्षा में चूक के कारण किसी दिन कोई बड़ी जनहानि भी हो सकती है। फिलहाल, वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस और बिजली विभाग मामले की जांच में जुट गए हैं।
