प्रशासनिक तानाशाही से आक्रोशित पटवारियों ने खोला मोर्चा, कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन; अधिकारियों के तुगलकी फरमानों पर उठाए गंभीर सवाल

कहीं मनमाना वेतन काटा तो कहीं अकारण निलंबन, ऑनलाइन उपस्थिति के नाम पर उत्पीड़न का आरोप,गोहपारू तहसीलदार को हटाने व तीन पटवारियों की बहाली की मांग को लेकर कलम बंद हड़ताल जारी।



Junaid Khan - शहडोल। जिले में प्रशासनिक अधिकारियों की हठधर्मिता और तानाशाही रवैये के खिलाफ राजस्व विभाग के मैदानी अमले यानी पटवारियों का गुस्सा अब चरम पर पहुंच गया है। विपरीत परिस्थितियों और सीमित संसाधनों में रात-दिन काम करने वाले पटवारियों को प्रोत्साहन देने के बजाय जिले के वरिष्ठ अधिकारी उन पर दंडात्मक कार्रवाइयों की तलवार चला रहे हैं। कभी ऑनलाइन उपस्थिति (VC) में महज 10 सेकंड की देरी पर पूरे दिन का वेतन काटा जा रहा है, तो कभी फार्मर रजिस्ट्री के नाम पर बिना पक्ष सुने ही अमानवीय निलंबन और अवैतनिक करने के आदेश थोपे जा रहे हैं। अधिकारियों की इस प्रताड़ना और वेतन कटौती के मनमाने रवैये से तंग आकर मध्य प्रदेश पटवारी संघ (जिला शहडोल) के नेतृत्व में पटवारी 18 सितंबर से लगातार 'कलम बंद हड़ताल' पर चले गए हैं। सोमवार को जिला अध्यक्ष सत्यनारायण मिश्रा के नेतृत्व में संभागायुक्त (आयुक्त महोदय) को 259 पृष्ठों का व्यापक दस्तावेज और ज्ञापन सौंपकर अपनी वाजिब समस्याओं के त्वरित निराकरण की मांग की गई है। पटवारियों का स्पष्ट कहना है कि जब वे भारी बारिश और विपरीत मौसम में भी शिविरों में डटकर शत-प्रतिशत काम दे रहे हैं, तब भी अधिकारियों का रवैया सहयोगात्मक न होकर दमनकारी बना हुआ है। ज्ञापन में गोहपारू तहसीलदार श्रीमती दिव्या सिंह की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि अगस्त माह में पूरी निष्ठा से काम करने के बावजूद गोहपारू तहसील के पटवारियों को 17 सितंबर तक वेतन नहीं दिया गया और बाद में 6 से 14 दिवस का मनमाना वेतन काटकर आर्थिक व मानसिक प्रताड़ना दी गई। इतना ही नहीं, महिला पटवारियों से अभद्रता, अनावश्यक देर शाम बैठकें बुलाने और शासकीय नियमों की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाते हुए गोहपारू तहसीलदार को तत्काल हटाने की मांग रखी गई है। इसके अलावा सोहागपुर, ब्यौहारी, जयसिंहनगर और बुढ़ार में अनुविभागीय अधिकारियों (SDO) तथा तहसीलदारों द्वारा बिना किसी सुनवाई के 1 से 14 दिनों का अवैतनिक आदेश पारित करने और तीन निर्दोष पटवारियों (दीपचंद सिंह, भारत सिंह खैरवार, आनंद तिवारी) को बिना कारण निलंबित करने पर गहरा रोष व्यक्त किया गया है। संघ ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि सेवा पुस्तिका संधारण, समयमान वेतनमान, एग्री स्टैक बिल, डी.ए. एरियर जैसी जायज मांगों को लंबे समय से अकारण लटकाकर रखा गया है। इसके साथ ही जूनियर पटवारियों को आर.आई. प्रभार देना और फील्ड जॉब वाले पटवारियों से दफ्तरी काम कराना पूरी तरह अनुचित है। पटवारी संघ ने साफ किया है कि जब तक निलंबित पटवारियों की ससम्मान बहाली, काटे गए वेतन का भुगतान और विवादित गोहपारू तहसीलदार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन और कलम बंद हड़ताल जारी रहेगी। अब देखना यह होगा कि संभागीय प्रशासन इन कर्मचारियों की वाजिब मांगों पर संवेदनशीलता दिखाता है या फिर अपनी तानाशाही से व्यवस्था को और ठप करने का काम करता है।

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