सांसद हिमाद्री सिंह और संघर्ष समिति के प्रयासों पर रेलवे प्रशासन की सुस्ती भारी, अब बिलासपुर कूच की तैयारी
Junaid khan - शहडोल। पुरानी बस्ती शहडोल में रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) निर्माण को लेकर केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव द्वारा लिखित में दिए गए आदेश के बावजूद दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) बिलासपुर जोन की नींद नहीं खुल रही है। रेल मंत्री के स्पष्ट आदेश पत्र जारी हुए लगभग दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन बिलासपुर मंडल द्वारा अब तक स्थल निरीक्षण तक नहीं किया गया है। क्षेत्रीय सांसद महोदया हिमाद्री सिंह और 'रेलवे फाटक संघर्ष समिति' के कड़े संघर्ष व प्रयासों के बाद यह महत्वपूर्ण प्रशासनिक स्वीकृति मिली थी, किंतु स्थानीय एवं जोनल रेल तंत्र की इस बेरुखी से जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। सांसद के पत्र पर रेल मंत्री ने दिए थे जांच के निर्देश उल्लेखनीय है कि पुरानी बस्ती शहडोल में विगत तीन वर्षों से बंद पड़े रेलवे फाटक की जगह बनाया गया संकीर्ण अंडरपास पूरी तरह से विफल साबित हुआ है। इससे शहर और आसपास के सैकड़ों गांवों के हजारों लोगों का आवागमन रोजाना बाधित होता है। इस गंभीर जनसमस्या को देखते हुए स्थानीय सांसद हिमाद्री सिंह ने 10 अगस्त 2026 को पत्राचार कर केंद्रीय रेल मंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया था। इसके जवाब में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 19 अगस्त 2026 को पत्र (पत्र क्रमांक - 19 AUG 2026) जारी कर ROB निर्माण हेतु तत्काल फिजिबिलिटी (व्यवहार्यता) जांच कराने के लिखित निर्देश दिए थे। संघर्ष समिति की बिलासपुर में DRM/GM से मुलाकात की रणनीति। रेलवे प्रशासन के इस ढुलमुल रवैये के खिलाफ अब जनता और संघर्ष समिति एक बार फिर एकजुट होकर बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर रही है। समिति के संयोजक रामजी श्रीवास्तव एवं अन्य पदाधिकारियों ने 14 अक्टूबर 2026 को ARM एवं ADEN शहडोल को ज्ञापन सौंपकर बिलासपुर जाकर GM व DRM से मुलाकात का समय मांगा है। समिति का स्पष्ट कहना है कि जब तक रेलवे प्रशासन पर चौतरफा दबाव नहीं बनाया जाएगा, तब तक फिजिबिलिटी जांच और धरातल पर काम शुरू होना संभव नहीं दिख रहा। समिति ने साफ किया है कि रेल मंत्री का आदेश मिलना एक आरंभिक सफलता मात्र है, असली संघर्ष तो अब रेलवे के जिम्मेदार अधिकारियों से काम कराने का है।

