प्रशासनिक मुस्तैदी और जन-संवेदनशीलता की मिसाल,शहडोल पुलिस अधीक्षक ने गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए खोला मोर्च, की ईनाम की बड़ी घोषणा
Junaid Khan - शहडोल। जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा और जन-संवेदनशीलता को प्राथमिकता देते हुए शहडोल पुलिस प्रशासन ने एक अनुकरणीय पहल की है। पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय अग्रवाल (भारतीय पुलिस सेवा) के कुशल नेतृत्व में जिला पुलिस ने अदम दस्तयाब (गुमशुदा) महिलाओं और पुरुषों की खोजबीन के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। जिले के विभिन्न थानों में दर्ज मामलों को पूरी गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने आधुनिक कार्यप्रणाली और पुलिस रेगुलेशन की शक्तियों का उपयोग कर खोज अभियान को तेज कर दिया है। जिम्मेदार अधिकारियों की तत्परता और प्रत्येक प्रकरण पर 5,000 रुपये की ईनामी उद्घोषणा। प्रशासनिक दक्षता का परिचय देते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय अग्रवाल ने पुलिस रेगुलेशन के पैरा क्रमांक 80 बी (1) के तहत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इसके अंतर्गत अमलाई, कोतवाली, खैरहा, गोहपारू, जयसिंहनगर, जैतपुर, देवलोंद, धनपुरी, पपौंध, बुढ़ार, सिंहपुर, सीधी और सोहागपुर जैसे तमाम थानों के अंतर्गत आने वाले लगभग 182 गुमशुदा प्रकरणों में प्रत्येक लापता व्यक्ति की सटीक सूचना देने वाले को 5,000 रुपये का नकद पुरस्कार देने का ऐलान किया गया है। सूचनादाता की पहचान गुप्त रखने के साथ-साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा पुरस्कार वितरण का अंतिम निर्णय पारदर्शी तरीके से लिया जाएगा। जनहित में सरकार और पुलिस की सजगता का प्रतीक। राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप शहडोल पुलिस प्रशासन का यह कदम न केवल लापता व्यक्तियों के परिजनों को एक नई उम्मीद प्रदान करता है, बल्कि क्षेत्र में पुलिस के प्रति विश्वास को भी सुदृढ़ करता है। पुलिस अधीक्षक द्वारा राज्य अभिलेख ब्यूरो, शहडोल जोन, और समस्त थाना प्रभारियों को निर्देश जारी कर सी.सी.टी.एन.एस. (CCTNS) पोर्टल एवं मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रसार-प्रचार करने के आदेश दिए गए हैं। इस उच्चस्तरीय मुस्तैदी और मानवीय दृष्टिकोण के लिए जिले के प्रबुद्ध नागरिक, पुलिस प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों के इस सराहनीय कार्य की खुलकर प्रशंसा कर रहे हैं।
