मिलावटखोरों पर कसा शिकंजा,राइस मिल बंद,दो रेस्टोरेंट को नोटिस जारी

कलेक्टर पार्थ जायसवाल के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा एक्शन,08 ठिकानों पर छापेमारी कर 10 सैंपल प्रयोगशाला भेजे 


Junaid Khan - शहडोल। आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों और नियमों की अनदेखी करने वाले व्यापारियों के खिलाफ जिला प्रशासन एवं खाद्य सुरक्षा प्रशासन सख्त मूड में आ गया है। प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप जिले में शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर पार्थ जायसवाल तथा अभिहित अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन एवं कड़े निर्देशों के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जयसिंहनगर और शहडोल क्षेत्र में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस बड़ी कार्रवाई से हड़कंप मच गया। अधिकारियों की इस त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई से एक ओर जहां अनियमिता बरतने वाले व्यापारियों में डर का माहौल व्याप्त है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय निवासियों और आम जनता ने जिला प्रशासन के इस सराहनीय कदम की जमकर प्रशंसा की है। कार्रवाई की विस्तृत जानकारी देते हुए विभागीय अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान गोहपारू स्थित 'नूरजहां राइस मिल' में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिस पर सख्त रुख अपनाते हुए मिल का खाद्य कारोबार सुधार होने तक के लिए तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया। वहीं, 'अनस किराना' से 08 किलो खराब व अमानक खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया गया और दोनों संस्थानों को रखरखाव में पाई गई कमियों को दूर करने हेतु कारण बताओ नोटिस थमाया गया। इसके साथ ही जयसिंहनगर स्थित 'आकांक्षा रेस्टोरेंट' एवं 'पवनपुत्र रेस्टोरेंट' में साफ-सफाई व रखरखाव में भारी लापरवाही पाए जाने पर संचालकों को नोटिस जारी किया गया। दोनों रेस्टोरेंटों से भोजन पकाने में इस्तेमाल हो रहे खाद्य तेल के नमूने भी जांच के लिए एकत्र किए गए हैं। जनस्वास्थ्य के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता दर्शाते हुए टीम ने शहडोल की जगवानी दाल मिल से गेहूं, साक्षी ट्रेडर्स व शुभम ट्रेडर्स से जीरा और बड़ी इलायची तथा आरके ट्रेडर्स से किरती तेल एवं मुबारक ट्रेडर्स से शेरा तेल के नमूने सील कर जांच हेतु राज्य प्रयोगशाला भेजे हैं। इतना ही नहीं, नौनिहालों और गर्भवती महिलाओं के पोषण की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए टीम ने गिरतरा स्थित आंगनवाड़ी केंद्र का भी औचक निरीक्षण किया और वहां तैयार हो रहे भोजन के लिए उपयोग में लाए जा रहे दलिया, आटा एवं तुअर दाल के सैंपल लिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आते ही नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन की इस बहुआयामी एवं प्रतिबद्ध कार्रवाई ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ जरा सा भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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