राहुल गांधी की चुप्पी पर उठाए सवाल, प्रशासनिक सुस्ती पर भी साधा निशाना,पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने और निष्पक्ष जांच के लिए एकजुट हुई नारियां।
Junaid Khan - शहडोल। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न मामले ने अब राष्ट्रीय राजनीति के साथ-साथ जमीनी स्तर पर भी तूल पकड़ लिया है। इस गंभीर प्रकरण में कांग्रेस नेतृत्व और विशेष रूप से राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले सांसद बिमोल अकोइजम पर आरोपी को संरक्षण देने के आरोपों को लेकर मध्य प्रदेश के शहडोल में राजनीतिक पारा चरम पर पहुंच गया है। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशानुसार एवं जिला अध्यक्ष श्रीमती अमिता चपरा के गरिमामयी मार्गदर्शन में, शहडोल के हृदय स्थल गांधी चौक पर विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। जिला अध्यक्ष नीलम चतुर्वेदी के ओजस्वी नेतृत्व में एकत्रित हुईं सैकड़ों नारियों ने उग्र प्रदर्शन करते हुए आरोपी कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजम का पुतला दहन किया और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से सीधा सवाल किया कि महिलाओं के सम्मान और स्वाभिमान से जुड़े इतने गंभीर मामले पर राहुल गांधी की चुप्पी आखिर कब टूटेगी? पीड़ितों को न्याय दिलाने और नैतिक जवाबदेही तय करने के बजाय आरोपियों को ढांपने का प्रयास लोकतंत्र और नारी शक्ति का घोर अनादर है। विरोध प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने प्रशासनिक व्यवस्था और जांच एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उपस्थित पदाधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित जांच तंत्र को बिना किसी राजनीतिक दबाव के त्वरित निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए। सत्ता या राजनीतिक संरक्षण की आड़ में यदि जिम्मेदार अधिकारी मामले को लटकाने या ढिलाई बरतने का प्रयास करेंगे, तो नारी शक्ति सड़कों पर उतरकर शासन और प्रशासन दोनों को जवाबदेह ठहराएगी। महिला मोर्चा ने मांग की है कि इस पूरे मामले में अंतरराज्यीय और उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए ताकि पीड़ित बेटियों को समयबद्ध न्याय मिल सके। वक्ताओं ने दोहराया कि जब तक आरोपियों को कानून के कटघरे में खड़ा नहीं किया जाता और संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का पूरी निष्पक्षता से निर्वहन नहीं करते, तब तक उनका यह आंदोलन थमेगा नहीं। इस जन-आंदोलन में भाजपा महिला मोर्चा और स्थानीय संगठन की अटूट एकजुटता, समर्पण और नारी शक्ति की बुलंद आवाज स्पष्ट रूप से देखने को मिली। महिलाओं के अधिकारों और स्वाभिमान की रक्षा के लिए जिस प्रकार मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर आवाज उठाई, उसकी पूरे क्षेत्र में भूरि-भूरि प्रशंसा की जा रही है। इस गरिमामयी और प्रभावकारी प्रदर्शन में महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती शालिनी सरावगी, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष नीलम चतुर्वेदी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सत्यभामा गुप्ता जी एवं श्रीमती उर्मिला कटारे , की विशेष उपस्थिति रही। इनके साथ ही संतोष लोहानी, मनोज गुप्ता, गोपाल शर्मा, रवींद्र वर्मा, आयुष पांडे, सुनीता तर्किहार, सरिता शर्मा, पुष्पा द्विवेदी, रेखा त्रिपाठी, सुनीता यादव, जागृति कुसुम, नीलम पटेल, रचना श्रीवास्तव, रागिनी गुप्ता, निशा सक्सेना, रीता सोनी, उषा, निशा गौतम, श्रद्धा सिसोदिया, रोशनी सोनी बेला, लक्ष्मी साहू, ज्योति तिवारी, आशा सोनी, रामा पदम, सविता अवस्थी, लक्ष्मी पांडे, सीमा गहरवार, काजल सराओगी, वंशिका मजूमदार, सविता सिंह, शिप्रा मजूमदार एवं रोशनी सराफ सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने अपनी सक्रिय भागीदारी निभाकर इस विरोध को ऐतिहासिक और प्रभावी बनाया।

