शांति समिति की बैठक में कई कड़े फैसले; विवाद, सुरक्षा और ध्वनि प्रदूषण को लेकर पुलिस-प्रशासन मुस्तैद
Junaid khan - शहडोल। बुढ़ार। आगामी शारदीय नवरात्रि और विजयादशमी पर्व को क्षेत्र में सौहार्दपूर्ण, सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा बुढ़ार थाना परिसर में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में हुई इस बैठक में त्यौहारों के दौरान कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए कई बड़े और कड़े फैसले लिए गए। बैठक का सबसे प्रमुख और बहुचर्चित निर्णय पावन नवरात्रि के पूरे नौ दिनों तक नगर क्षेत्र में मांस एवं मटन की बिक्री पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने का रहा। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि किसी भी व्यवसायी या असामाजिक तत्व द्वारा इस आदेश का उल्लंघन किया गया, तो उसके खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। एक तरफ जहां धार्मिक संगठनों और श्रद्धालुओं ने इस फैसले का पुरजोर स्वागत किया है, वहीं दूसरी तरफ इस अचानक आए प्रतिबंध से मांस-मटन विक्रेताओं और व्यापारिक तबके के बीच सुगबुगाहट और विरोध का माहौल भी बनने लगा है।
सीसीटीवी से निगरानी, डीजे की तेज धुन पर सर्वोच्च न्यायालय की नकेल
नगर की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह अभेद्य बनाने और मनचलों व अराजक तत्वों पर पैनी नजर रखने के लिए व्यापारी संघ के विशेष सहयोग से मुख्य चौराहों और भीड़भाड़ वाले संवेदनशील इलाकों में तीसरी आंख (गुप्त सीसीटीवी कैमरे) तैनात किए जा रहे हैं। इसके साथ ही त्यौहारों के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल सड़कों पर उतारा जाएगा। बैठक में शामिल अधिकारियों ने सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के कड़े निर्देशों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि पूजा पंडालों और विसर्जन यात्राओं के दौरान निर्धारित सीमा से अधिक तेज ध्वनि वाले डीजे और लाउडस्पीकरों के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। तेज आवाज में बाजे बजाने वाले संचालकों के उपकरण जब्त कर उनके खिलाफ वैधानिक कानूनी कार्रवाई होगी। इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन केवल निर्धारित विसर्जन कुंडों में ही करने की अपील की गई है। विसर्जन यात्रा के दौरान नशे का सेवन करने वाले या हुड़दंग मचाने वाले उपद्रवियों को जुलूस से दूर रखने की सीधी जिम्मेदारी पूजा आयोजकों को सौंपी गई है।
अधिकारियों का अमला रहा मौजूद, नियमों का पालन न करने पर होगी सीधी नकेल
शांति समिति की इस अहम बैठक में प्रशासनिक और पुलिस अमले की ओर से अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP धनपुरी) विकास पाण्डेय, तहसीलदार मनोज सिंह, अनुविभागीय अधिकारी अभिनव मिश्रा, नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती शालिनी सरावगी तथा थाना प्रभारी खेम सिंह पेंद्रो मुख्य रूप से मंच पर मौजूद रहे। इनके साथ ही बिजली विभाग के कनिष्ठ अभियंता विकास व हिमांशु, स्थानीय व्यापारी संघ के प्रतिनिधि, विभिन्न दुर्गा पूजा समितियों के पदाधिकारी और नगर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बैठक के अंत में सभी समाजों व धर्मों के प्रतिनिधियों ने शांति और सौहार्द बनाए रखने का आश्वासन दिया, लेकिन अंदरखाने प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि आस्था की आड़ में हुड़दंग या प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना करने वाले किसी भी अधिकारी या नागरिक को बख्शा नहीं जाएगा। नगर में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस-प्रशासन की पहली प्राथमिकता होगी।
